भोपाल मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में शनिवार को एक विद्यार्थी द्वारा आत्महत्या के बाद वहां तनाव फैल गया। उत्तेजित विद्यार्थियों ने दोपहर साढ़े तीन बजे से संस्थान परिसर के मुख्य दरवाजे पर धरना दे दिया जो देर रात तक जारी था।
इस घटना ने देश के चुनिंदा 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानो में से एक मैनिट को हिला कर रख दिया है। क्योंकि आत्महत्या के मामले में संस्थान प्रबंधन पर प्रताड़ना के आरोप लग रहे हैं और एक राजनीतिक दल की भी इसमें संदिग्ध भूमिका बताई गई है।
मृतक छात्र नगालैंड निवासी राहुल पाठक संस्थान में तीसरे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा था। उसके खिलाफ कुछ समय पहले रैगिंग की शिकायत आई थी। जिस पर राहुल सहित दो अन्य विद्यार्थी आकाशदीप एवं हेमंत को संस्थान से निष्कासित कर दिया था।
इसके बाद सभी छात्रों के अभिभावकों को संस्थान के निदेशक प्रो. केएस पांडेय ने बुलवाया। दो अन्य छात्रों के अभिभावक तो संस्थान आए मगर राहुल के पिता नहीं आ पाए। विद्यार्थियों का आरोप है कि राहुल को निदेशक ने अपने कमरे में बुला कर बुरी तरह धमकाया था, जिससे वो परेशान रहने लगा था। जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।
दूसरी ओर कई विद्यार्थियों का यह भी कहना है कि संस्थान में एक राजनीतिक दल की चुनावी गतिविधियां संचालित हो रही हैं। जिनमें साथ न देने पर राहुल को इस कदर परेशान किया गया कि उसने आत्महत्या कर ली।
शक की सूई>> कौन सा राजनीतिक दल संस्थान का उपयोग अपनी चुनावी गतिविधियों के लिए कर रहा है। >> यह कैसे संभव हुआ कि संस्थान के हास्टल में रह रहे विद्यार्थियों को मतदाता परिचय पत्र मिल गए। जिन पर उनकी वल्दियत तथा पता अंकित नहीं है।
>> इससे पहले भी सामने आया था कि एक राजनीतिक दल की बैठक के लिए मैनिट के गेस्ट हाउस का इस्तेमाल किया गया। इस मामले पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
>> संस्थान परिसर में शनिवार को जलाए गए मतदाता परिचय पत्र का राज क्या है?