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मैनिट में तनाव के बाद छात्र परेशान

भोपाल. मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में शनिवार को एक छात्र की मौत के बाद रविवार को भारी तनाव के बीच वहां के सभी हॉस्टल खाली करा लिए गए। किसी अप्रिय घटना की आशंका के चलते इस दौरान वहां वज्र वाहन सहित भारी पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने मीडिया कर्मियों को भी संस्थान के परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया।

शनिवार को नगालैंड निवासी राहुल पाठक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। राहुल, संस्थान के हॉस्टल में ही रहता था। इस मामले में संस्थान प्रबंधन तथा एक राजनीतिक दल की भी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।

शनिवार को वहां दिनभर इस मसले पर विद्यार्थियों के बीच भारी तनाव रहा। आलम यह रहा कि देर रात करीब एक बजे पुलिस ने उत्तेजित छात्रों पर बल प्रयोग कर उन्हें काबू में करने का प्रयास किया। जवाब में छात्रों ने भी पुलिस पर जमकर पथराव किया। इस घटनाक्रम में करीब 10 छात्र एवं सात पुलिस वाले घायल हुए हैं, जिनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। पुलिस ने इस संबंध में शासकीय कार्य में बाधा और बलवा का प्रकरण दर्ज कर 20 विद्यार्थियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
शनिवार को मैनिट में हुई घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मामले की जांच संयुक्त कलेक्टर विकास मिश्रा कर रहे हैं। वहीं, मतदाता परिचय पत्र मामले की जांच उपनिर्वाचर अधिकारी किशोर कान्याल कर रहे है। वहीं राहुल का शव पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल के मरचुरी रूम में रखा गया है। सोमवार को राहुल के पिता की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया जाएगा। उनके सोमवार को भोपाल पहुंचने की संभावना है।

हॉस्टल खाली कराए
संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों की आवश्यक बैठक शनिवार की रात तीन बजे बुलाई गई थी, जिसमें विद्यार्थियों से हॉस्टल खाली कराने का निर्णय लिया गया। संस्थान प्रबंधन ने हॉस्टल खाली करने के लिए विद्यार्थियों को दोपहर तीन बजे तक का समय दिया गया था। इसमें प्रबंधन ने पुलिस का भी सहयोग लिया गया। इन हॉस्टलों में 1600 विद्यार्थी रहते हैं।

छात्रों का हुजूम सड़क पर
मैनिट के हॉस्टल्स से निकाले गए छात्रों के कारण दोपहर बाद तक संस्थान से माता मंदिर तक की सड़क विद्यार्थियों से भरी रही। हॉस्टल खाली करने की शुरुआत के साथ ही भोपाल के नजदीक के विद्यार्थी अपने घर रवाना हो गए, जबकि अन्य जिलों एवं प्रदेशों से आए विद्यार्थी देर शाम तक रुकने की जगह तलाशते रहे।

जांच करेगी पुलिस
छात्रों से पुलिस एक भी मतदाता परिचय- पत्र बरामद नहीं कर सकी है, लेकिन पुलिस ने अब मतदाता सूचियों के परीक्षण की तैयारी कर ली है।

कार्रवाई पर विचार
मैनिट में प्रबंधन तथा विद्यार्थियों के बीच शुरू हुआ विवाद और भी बढ़ सकता है। रविवार को जहां संस्थान के विद्यार्थियों का एक समूह सारे मामले की शिकायत की गरज से दिल्ली रवाना हो गया वहीं प्रबंधन दोषी विद्यार्थियों पर सख्त कार्रवाई का विचार कर रहा है।

रविवार को दिन भर हॉस्टल खाली कराने के बाद दोपहर बाद मैनिट के डायरेक्टर प्रो. केएस पांडेय ने संस्थान के चुनिंदा स्टाफ की एक बैठक बुलाई। सूत्रों के अनुसार करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि शनिवार को पुलिस पर पथराव के मामले में जिन विद्यार्थियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ है उन्हें मैनिट से निष्कासित कर दिया जाए। हालांकि कई लोग इसके पक्ष में नहीं थे।

बैठक के बाद ऐसे संकेत दिए गए कि मंगलवार तक इन विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी जाएगी। बैठक में सभी हॉस्टल वार्डन से प्रमाण पत्र लिए गए कि उनके हॉस्टल खाली कर सील कर दिए गए हैं। इधर, संस्थान के विद्यार्थी भी अब इस मामले पर आक्रामक रुख अपना रहे हैं। बताया गया है कि रविवार को हॉस्टल से निकाले जाने के बाद विद्यार्थियों का एक समूह योजनाबद्घ तरीके से दिल्ली के लिए रवाना हो गया। उनकी योजना है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय में मैनिट में चल रही तमाम गतिविधियों की शिकायत की जाए।

परीक्षाएं स्थगित
मैनिट में चल रहे एंड टर्म एक्जाम अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए हैं। शनिवार- रविवार की दरमियानी रात हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। परीक्षा की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। रविवार की रात मैनिट की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि मृतक राहुल पाठक ने रैंिगंग प्रकरण में लिप्त होना स्वीकारा था। जब उससे इस संबंध में अपने अभिभावकों को बुलाने के लिए कहा गया तो वह एक फर्जी व्यक्ति को अपना अंकल बता कर ले आया। इसके बाद संस्थान प्रबंधन ने राहुल के पिता से फोन पर बात की तो पता चला कि उन्हें इस सारे मामले की कोई जानकारी नहीं थी। राहुल के पिता ने कहा था कि वे 17 नवंबर को भोपाल आ रहे हैं। इससे पहले ही राहुल की मौत हो गई। प्रबंधन ने इस घटना पर शोक जताया है। विज्ञप्ति में हॉस्टल खाली कराने के संबंध में कोई बात नहीं कही गई है।

भास्कर द्वारा संपर्क करने पर संस्थान के निदेशक प्रो. केएस पांडेय ने कहा कि केवल वहां के जनसंपर्क अधिकारी आशीष देशपांडे ही कोई जानकारी दे सकते हैं। श्री देशपांडे ने विज्ञप्ति के अतिरिक्त अन्य जानकारी देने में असमर्थता जताई।





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