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पिता ने कहा मैनिट है दोषी

भोपाल. मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में दो दिन पहले एक विद्यार्थी द्वारा आत्महत्या के बाद सोमवार को दो तरह के घटनाक्रम हुए। जहां जिला निर्वाचन अधिकारी ने संस्थान में जाली मतदाता परिचय पत्र बनने की बात से इंकार कर दिया। वहीं मृतक विद्यार्थी के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत के पीछे मैनिट प्रबंधन का हाथ है।

राहुल पाठक द्वारा आत्महत्या के बाद यह आरोप लगाया गया था कि एक राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने के लिए मैनिट के करीब तीन हजार विद्यार्थियों के फर्जी मतदाता परिचय पत्र बनाए गए हैं। इस काम में सहयोग न देने के कारण राहुल को रैंिगंग के झूठे आरोप में फंसा कर आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया।

इसके बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जेएस माथुर ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी मनीष रस्तोगी को जांच के आदेश दिए थे। श्री रस्तोगी ने संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि संस्थान में फर्जी मतदाता परिचय पत्र जैसा मामला सामने नहीं आया है। उनका कहना था कि सबूत के तौर पर पेश किए गए परिचय पत्र में पिता के नाम की जगह ‘मालूम नहीं’ लिखा था। जांच में पता चला कि मतदाता द्वारा फार्म में पिता के नाम से संबंधित जानकारी नहीं भरी गई थी। इस कारण ‘मालूम नहीं’ लिखा गया है। श्री रस्तोगी ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश न की जाए, नहीं तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।

मैनिट प्रबंधन पर आरोप
राहुल के पिता एसके पाठक ने कमला नगर थाने में दिए बयान में मैनिट प्रबंधन पर अनेक संगीन आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार 14 नवंबर को वार्डन पीके जैन ने उन्हें फोन कर कहा कि राहुल पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रहा है। उस वक्त राहुल भी फोन पर आया और वह रो रहा था।

रात को उसने फोन कर बताया कि संस्थान में उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। उससे जबरदस्ती बांड भरवा लिया गया है, जिस पर लिखा है कि रैगिंग मामले का निराकरण न होने तक उसे अगली परीक्षा में शामिल होने नहीं दिया जाएगा। श्री पाठक के अनुसार राहुल ने वार्डन श्री जैन सहित संस्थान में कार्यरत डीन स्टूडेंट अफेयर्स अरुण मोहन शांडिल्य और डीन एडमिनिस्ट्रेशन सरोज रांगणोकर और प्रॉक्टोरियल समिति के सदस्य एमएस चौहान पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उसके साथ मारपीट की है।

बकौल श्री पाठक 17 नवंबर को वार्डन श्री जैन ने उन्हें फोन पर बताया कि राहुल ने जहर खा लिया है। और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद राहुल के दोस्तों ने श्री पाठक को बताया कि उनके बेटे की मौत हो चुकी है। श्री पाठक ने मांग की है कि उनके बेटे के शव का पोस्टमार्टम किसी खास समिति के सामने कराया जाए। उसकी वीडियो रिकरिडग भी होनी चाहिए।





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