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जालंधर. अपराध की दुनिया में यूपी और बिहार को पीछे छोड़ते हुए पंजाब अब किडनैपिंग इंडस्ट्री का बड़ा केंद्र बन गया है। रातों-रात अमीर बन ऐश करने के चक्कर में पढे लिखे युवक भी अपराध की दुनिया में आ रहे हैं और दादा बनते जा रहे हैं।
यह बात जालंधर के मिक्की अपहरणकांड में सामने उभर कर आई जिसमें काग्रेस पार्षद सुखमीत सिंह डिप्टी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। डिप्टी के साथी भी अच्छे परिवारों से संबध रखते हैं। बीते साल 17 जुलाई को शहर के उद्योगपति अशोक मदान के अपहण में भी अच्छे परिवारों के लड़के ही शामिल थे।
पंजाब में फिरौती के लिए नए-नए मामलों ने आम लोगों के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मैं और मेरा परिवार सुरक्षित है? हालांकि पुलिस मामले को ट्रेस कर कह देती है कि जल्द अमीर बनने के चक्कर में ऐसा किया गया था फिर भी इस ओर गौर किया किया जाना बाकी है कि आखिर पढे लिखे युवक अपराध की दुनिया में क्यों आ रहे हैं? क्या इसकी वजह बेरोजगारी है या फिर नई पीढी की बगैर पसीना बहाए पैसे कमाने की भूख।
पुलिस की प्राथमिकता बच्चे को सही- सलामत बरामद करना है। पुलिस कई थ्यूरियों पर काम कर रही है और उम्मीद है कि जल्द बच्चे को बरामद कर लिया जाएगा।