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युवा तुर्र्को के हैं बड़े सपने

चंडीगढ़कहते हैं एक बड़ी जिद और जीत किसी भी खेल की तकदीर बदल देती है। ओलंपिक के बाद से कुछ खेलों में इसका असर साफ दिखाई पड़ता है। इनमें से एक है बैडमिंटन। सायना का बीजिंग ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना भारतीय बैडमिंटन के युवा तुर्र्को के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। प्रनव चोपड़ा और प्रतीक पटेल भारतीय बैडमिंटन की उस युवा पीढ़ी के खिलाड़ी हैं जिनके कंधों पर ओलंपिक पदक का सपना टिका है। हाल ही में पुणो में हुई यूथ कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता और जूनियर वल्र्ड चैंपियनशिप में इन युवा खिलाड़ियों का दमखम सभी ने देखा। विश्व चैंपियनशिप में तो भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीता था। चंडीगढ़ में ऑल इंडिया रैकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पहुंचे प्रनव और प्रतीक से भास्कर ने बातचीत की।

विदेश में ट्रेनिंग का हुआ फायदा : प्रनव

लुधियाना के प्रनव चोपड़ा इन दोनों प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम का हिस्सा थे। चोपड़ा ने बताया कि यह दोनों बड़े टूर्नामेंट थे और जो अनुभव हमें हासिल हुआ है वह भविष्य के लिए काफी मददगार साबित होगा। विदेशी खिलाड़ियों के खेलने के तरीके से वाकिफ होना हमारे लिए सबसे बड़ी बात रही। जहां तक विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने की बात है तो हमारी पूरी टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया। इसके अलवा पिछले कुछ समय से हमें विदेश में ट्रेनिंग और बीएआई (बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया) द्वारा लगाए जाने वाले प्रशिक्षण शिविरों से भी काफी फायदा हुआ है। मजबूत पक्ष: लंबा कद होने की वजह से स्मैश और फुटवर्क बेहतर है। कमजोर पक्ष: डिफेंस में कमी।

पसंदीदा खिलाड़ी: चंद्रन विजय(इंडोनेशिया)।

खेल में निरंतरता लानी होगी: प्रतीक पटेल

कड़ी मेहनत से ही आज इस मुकाम तक पहुंच पाई है। हमें सबसे पहले अपने खेल में निरंतरता लानी होगी। यह किसी भी खिलाड़ी के लिए अहम होती है। आज की तारीख में हमें हर सुविधा मिल रही है। अब यह हमारे ऊपर है कि हम इसका कितना फायदा उठा पाते हैं। जूनियर स्तर पर जो बदलाव आया है उसका सबसे बड़ा कारण है बेहतरीन ट्रेनिंग और सिस्टम। बीएआई जूनियर और सीनियर खिलाड़ियों का एक साथ प्रशिक्षण शिविर लगाती है। इससे काफी कुछ सीखने को मिलता है। अगर आपके सामने अरविंद भट्ट, सायना नेहवाल और श्रीधरन जैसे सीनियर खेल रहे हों तो अपनी गेम में हम उनकी चीजों को भी शामिल कर सकते है। इसके अलावा हाल ही में इंडोनेशिया में एक महीने का कोचिंग कैंप सीखने के लिहाज से काफी शानदार रहा।

मजबूत पक्ष: स्मैश और रिटर्न। कमजोर पक्ष: फुटवर्क।





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