Dainik Bhaskar Divya Bhaskar Business Bhaskar Indiainfo DNA 3Dsyndication MyFM


HomeNewsInternational International

स्टेम कोशिका से प्रयोगशाला में बना ट्रेकिया प्रत्यारोपित

बार्सिलोना. अंग प्रत्यारोपण के मामले में विश्व का अपनी तरह का सबसे बड़ा प्रयोग सफल रहा है। यह सफल प्रयोग स्पेन के डॉक्टरों द्वारा किया गया है। एक महिला जिसका ट्रेकिया (श्वांस नलिका)पूरी तरह से खराब हो गया था उसकी जिंदगी बचाने के लिए उसके स्टेम सेल से एक नया ट्रेकिया (श्वांस नलिका) बनाकर उसके शरीर में प्रत्योरोपित कर दिया। इस प्रकार का प्रत्यारोपण संसार में अपनी तरह का पहला बताया जा रहा है।

प्रयोगशाला में बनाया नया ट्रेकिया (श्वांस नलिका)

30 साल की क्लाउडिया कैस्टिलो जो कि 2 बच्चों की मां है। लेंसेट जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार इस महिला का प्रत्यारोपण बार्सिलोना के एक अस्पताल में किया गया था। वैज्ञानिकों ने उत्तक इंजीनियरिंग का सफल प्रयोग करते हुए इस महिला की स्टेम सेल को लेकर प्रयोगशाला में ही सावधानी पूर्वक हर उस विशेष सुरक्षा के साथ विकसित किया गया जो जरुरी था।

क्लाउडिया के लिए आगे का जीवन सुखमय

इस ऑपरेशन की सफलता के बाद 30 साल की क्लाउडिया बेहतर जिंदगी जी रही है और उसको अब इस मामले में किसी विशेष प्रकार का खतरा भी नहीं है। अक्सर जब किसी व्यक्ति में कोई अंग जब प्रत्यारोपित किया जाता है तो उसे विभिन्न प्रकार के संक्रमण का खतरा रहता है लेकिन इस मामले में क्लाउडिया को डरने की जरुरत नहीं है क्योंकि इस प्रत्यारोपण में नया ट्रेकिया उसकी ही अस्थि मज्जा से बनाया गया था।

सर्जरी की दुनिया में नए युग की शुरुआत है

ब्रिटेन की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मार्टिन बिरचर्ल ने इस ऑपरेशन की सफलता को सर्जरी की दुनिया में एक बड़ी जीत बताते हुए कहा है कि यह एक नये युग की शुरुआत है और भविष्य में गंभीर बिमारियों से प्रभावित अंगो के स्थान पर नए अंग इस तकनीक से बनाए जा सकते हैं।

किडनी , दिल, मूत्राशय भी बन सकेंगे

इस प्रयोग की सफलता के बाद अब प्रयोगशाला में सफलतापूर्वक किडनी , दिल , मूत्राशय आदि को बनाया जा सकेगा।

ब्लॉग जगत में जबरदस्त चर्चा

विज्ञान में हुए इस सफलप्रयोग पर इंटरनेट जगत में भी जबरदस्त चर्चा चल रही है। पिछले 24 घंटों में इस पर लगभग 50 ब्लॉग लिखे गए हैं और इस पर हजार लोगों के विभिन्न तरह के संदेश आए हैं। कोई क्लाउडिया को बधाई दे रहा है तो कोई विज्ञान की जय बोल रहा है।





अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड:
 

आपके विचार
sumanjit singh
Thursday, 20th Nov 2008, 13:42
Actually I dont know about this deases. Yet I think it is the greatest achivement of medical science.
akhil
Thursday, 20th Nov 2008, 15:55
Good wishes for Dr. & claudia