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वित्तमंत्री का आह्वान

संपादकीय. वैश्विक आर्थिक मंदी से निपटने के लिए वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने उद्योगपतियों से कीमतें कम करने का जो अनुरोध किया और उसे जिस तरह से उन्होंने अस्वीकार किया है, वह इस समस्या की जटिलता की ओर इशारा करता है।

ऑटोमोबाइल, होटल, आवास निर्माण और एअरलाइंस कंपनियों से कीमतें घटाने का अनुरोध करते हुए वित्तमंत्री ने यह पेशकश की है कि जो क्षेत्र आर्थिक मंदी की आंच महसूस कर रहे हैं उनके लिए उत्पाद शुल्कों में कटौती की जा सकती है। बाजार में घट रही मांग की समस्या से निपटने के लिए वित्तमंत्री के अनुरोध पर कंपनियों की प्रतिक्रिया से जाहिर है कि महंगाई और बढ़ी हुई लागत के कारण सिर्फ करों में रियायत कर देनेभर से समस्या हल नहीं होने वाली है। वित्तमंत्री का आकलन है कि कुछ समय तक कीमतें कम होने से बाजार में मांग पैदा होगी और औद्योगिक उत्पादन में इजाफा होगा, मगर कंपनियों का तर्क है कि लागत ज्यादा होने की वजह से मांग बढ़ जाने के बाद समस्या का समाधान नहीं होगा।

आर्थिक मंदी के संदर्भ में सरकार ने पहले ही कई उपायों की पहल की है और स्वयं प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने उद्योग जगत को आश्वस्त किया था कि मंदी से निपटने के लिए उद्योगों को जिस भी तरह की सहायता की जरूरत होगी, सरकार वह उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास करेगी। जो तस्वीर अब तक सामने आई है उससे ऐसा लगता है कि भारतीय कंपनियों पर फिलहाल मंदी का वास्तविक से ज्यादा मनोवैज्ञानिक असर है। यह इससे भी पता चलता है कि वैश्विक मंदी का भारत पर कितना और कैसा असर पड़ा है यह छह से आठ हफ्तों के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगा।

वित्तमंत्री के आग्रह को अस्वीकार करते हुए उद्योग जगत की तरफ से एक तर्क यह दिया गया है कि कंपनियों के मुनाफे का प्रतिशत पहले ही कम हो चुका है। जाहिर है, इस वक्त कंपनियां अपनी आंतरिक अर्थव्यवस्था को संयोजित करने में लगी हुई हैं।

अच्छी बात यह है कि इस वक्त भारतीय अर्थव्यवस्था के उद्देश्य और चुनौती में सरकार और कंपनियों का साझा है। आखिर सरकार का लक्ष्य भी अर्थव्यवस्था को फिर वृद्धि के रास्ते पर लाना है और कंपनियां भी चाहती हैं कि बाजार में उनके उत्पादों की मांग घटने के बजाय बढ़े। जब लक्ष्य एक ही है तब कम-से-कम इस वक्त सरकार और उद्योग जगत के बीच ज्यादा मतभेद नहीं होना चाहिए। यदि दोनों मिलकर भारत की अर्थव्यवस्था को मंदी के प्रभावों से बचाने और वृद्धि के रास्ते पर लाने का प्रयास करें तो बेहतर होगा।





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