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जयपुर. आदर्श विद्या मंदिर शिक्षा समिति की ओर से संचालित केशव विद्यापीठ के दामोदरदास डालमिया उच्च माध्यमिक विद्यालय जामडोली के छात्रों ने अध्यापकों की कमी के चलते पढ़ाई नहीं होने की बात को लेकर बुधवार को विद्यालय पर ताला जड़ दिया। दोपहर तक छात्रों ने अभिभावकों के साथ मिलकर जमकर हंगामा किया और प्रधानाचार्य को हटाने की मांग की। सुबह 9 बजे से पहले ही कक्षा 8 से 12 तक के छात्र विद्यालय पहुंचे और मुख्य गेट पर ताला लगाकर वहीं धरने पर बैठ गए।
उसके बाद काफी संख्या में बच्चों के अभिभावक भी मौके पर पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। प्रधानाचार्य सहित अध्यापक स्कूल पहुंचे तो उन्होंने पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने मौके पर पहुंच ताला खुलवाया तथा हंगामा कर रहे छात्रों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन छात्र दोपहर एक बजे तक नारेबाजी करते रहे तथा कक्षाओं का बहिष्कार किया। छात्रों का आरोप था कि विद्यालय में विज्ञान, अंग्रेजी व बी.ओ. आदि विषयों को पढ़ाने वाले नहीं हैं। विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षक भी नहीं है। विद्यालय में 20 कंप्यूटर हैं तथा छात्रों की संख्या 60 से ज्यादा है। अधिकतर कंप्यूटर खराब पड़े हैं।
जिसकी शिकायत कई बार की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकाला गया। माहौल हो रहा खराब : बच्चों के साथ आए अभिभावकों ने भी विद्यालय प्रशासन पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया। अभिभावक व स्थानीय पार्षद पुष्पेंद्र मीणा का कहना है कि पिछले 20-25 दिन से कुछ विषयों के अध्यापक नहीं हैं, जिसकी कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है तो फिर बच्चे गुस्सा तो होंगे ही। विद्यालय प्रशासन जल्द व्यवस्था सुधारे, नहीं तो अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला वापस ले लेंगे। अभिभावक जितेंद्र जादौन का कहना है कि कई दिनों से बच्चे परेशान थे, तब जाकर हंगामा किया गया। जामडोली के ही राजमल शर्मा का कहना था कि जब परेशानी होती है, तभी आंदोलन होता है।
प्रधानाचार्य को हटाया जाए : शिकायत करते हैं तो पिटाई होती है। पानी की व्यवस्था नहीं है। बिजली के तार लटक रहे हैं। कंप्यूटर खराब पड़े हैं तथा कोई पढ़ाने वाला नहीं है। विरोध कर रहे कक्षा 8 के मोनू, मोहन शर्मा, कमलेश मीणा, कक्षा 10 के विजेंद्र, विश्वंभर, कक्षा 11 के अजरुन, भानुप्रताप, अभिषेक तथा कक्षा 12 के राहुल, पूरण, सुरेश सहित अधिकांश छात्रों ने प्रधानाचार्य को हटाने की मांग की। छात्रों का यह भी कहना था कि पूर्व प्रधानाचार्य को ही वापस लाया जाए।
बोले-प्रधानाचार्य
छात्र विरोध क्यों कर रहे हैं, इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। यदि पढ़ाई नहीं होने की बात अभिभावकों को पता थी तो उन्होंने स्कूल में पहुंचकर जानकारी क्यों नहीं दी। विद्यालय का अनुशासन बनाने के लिए नियम लागू किए गए हैं। ये बात सही है कि दो विषयों के अध्यापक पिछले तीन दिन से नहीं हैं, लेकिन नए अध्यापकों की भर्ती के लिए अखबारों में विज्ञापन दिया गया है। किसी भी कक्षा में अध्यापकों की कमी नहीं होने दी जा रही है। मैं दिन में पांच-पांच कक्षाओं में पढ़ा रहा हूं।
—संतोष कटारा ,प्रधानाचार्य