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अजमेर. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमा जिले के एनीमियां रोग के शिकार 11 हजार मासूमों का उपचार करेगा। जिला प्रशासन की हिदायत के बाद महकमे के अफसर हरकत में आ गए हैं। इस संबंध में बुधवार को जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएल गार्गिया ने सभी ब्लॉक अफसरों को पाबंद किया।
आरसीएचओ डॉ. गार्गिया ने बताया कि शाला स्वास्थ्य कार्यक्रम को अब तीन महीने पूरे हो चुके हैं। इस कार्यक्रम के दौरान स्कूलों में मिले बीमार रोगियों की स्थिति अब क्या है, इनका पता लगाने के लिए जिला प्रशासन ने महकमे के अफसरों को निर्देश दिए। इसी के तहत एमसीएचएन डे और शालाओं में पहुंच कर रैफर किए गए बच्चों के उपचार की कवायद शुरू की गई है। चिकित्साकर्मियों को एनीमिया वाले रोगियों की विशेष जांच के निर्देश दिए गए हैं। इन बच्चों की हीमोग्लोबिन जांच भी की जाएगी। इस संबंध में अरांई, किशनगढ़, मसूदा, जवाजा, पीसांगन, श्रीनगर, केकड़ी और भिनाय के ब्लॉक सीएमएचओ को पाबंद कर दिया गया है।
डॉ. गार्गिया के मुताबिक महकमे ने 15 जुलाई से 14 अगस्त तक जिले में शाला स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किया था। इस दौरान 1 लाख 90 हजार बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में कुपोषण, खून की कमी और कम वजन के साथ ही नजर की कमजोरी आदि के रोगी मिले ।
इनमें सबसे अधिक 11 हजार बच्चे एनीमिया से पीड़ित मिले। एक हजार 400 से अधिक बच्चे कम वजन वाले पाए गए। विकलांग विद्यार्थियों में 315 छात्र और 107 छात्राएं रहीं। दृष्टि दोष के 600 से अधिक बच्चे शिकार पाए गए हैं। अन्य रोगों से भी 17 हजार से अधिक बच्चे ग्रस्त पाए गए। इन सभी का उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं।