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अमृतसर22 नवंबर को होने वाले एसजीपीसी प्रधान पद के चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। इस बार भी मौजूदा प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ दौड़ में चाहे सबसे आगे हैं पर पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर, किरपाल सिंह बडूंगर और सेवा सिंह सेखवां भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं।
पंथक सूत्रों की मानें तो तीन साल के कार्यकाल में मक्कड़ ने ऐसा कोई काम नहीं किया, जो उनके प्रधान बनने में रुकावट बनता हो। विवादों से उन्होंने खुद को दूर रखा ही, पूर्व जत्थेदार जोगिंदर सिंह वेदांती व जत्थेदार इकबाल सिंह में छिड़े विवाद का मामला हो या वेदांती के त्यागपत्र का, वह इन सबसे शांतमय तरीके से निपटने में सफल रहे। मक्कड़ ने हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन के मुद्दे आदि को अच्छे ढंग से डील किया। उनकेहस्तक्षेप से ही दीदार सिंह नलवी और जगदीश सिंह झींडा ने आंदोलन 20 नवंबर तक स्थगित कर दिया।
दूसरी ओर, बीबी जागीर कौर निरंतर शिअद (ब) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के साथ संपर्क में हैं। वहीं, बादल दलित वर्ग का वोट बैंक पक्का करने के लिए अपने पूर्व ओएसडी एवं एसजीपीसी के पूर्व प्रधान किरपाल सिंह बडूंगर को प्रधान का ताज पहनाने का विचार कर सकते हैं। पूर्व मंत्री सेखवां भी पिछले पांच सालों से एसजीपीसी प्रधान पद की दावेदारी पेश कर रहे हैं। सेखवां को बादल के विश्वासपात्रों में से एक माना जाता है।