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डॉलर बढ़ने से स्वर्ण आयात महंगा

इंदौर. रिजर्व बैंक द्वारा ऋण नीति में ढील देने का निर्णय लिए जाने और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष द्वारा 300 अरब डॉलर की विभिन्न देशों को मदद किए जाने का प्रभाव दोनों ही धातुओं पर दिखाई देने लगा है। वहीं देश में लग्नसरा के प्रारंभ होने से सराफा बाजारों में पूछपरख शुरूहो गई है जो लगभग एक महीने तक अच्छी रहने की आशा है। इसका प्रमुख कारण डॉलर की तुलना में रुपया काफी नीचे आ जाने से सोने का आयात महंगा होना है जिससे आने वाले दिनों में सोने में स्टॉकिस्टों की खरीदी और बढ़ सकती है। वर्तमान में डॉलर 50 रुपए से ऊपर निकल गया है।

सराफा व्यापारी मुरली नीमा बताते हैं इस महीने शुरू हुआ मैरिज सीजन अगले सीजन के शुरुआती महीनों तक जारी रहेगा। वर्तमान में अच्छी खरीदारी की वजह से मार्केट में गोल्ड की सप्लाई में कुछ कमी देखी जा सकती है। विश्वस्वर्ण परिषद के अनुसार सितंबर तक तिमाही में देश में सोने की मांग 190 की बजाय 250 टन तक पहुंच गई। बाजार वालों के मुताबिक उसकी रिपोर्ट में खुदरा मांग 71 टन बताई गई। लग्नसरा का समय होने से जेवर निर्माताओं की खरीदी भी अच्छी है। लंदन से भी सोने में तेजी के समाचार प्राप्त हो रहे हैं। सोने की आवक भी पिछले कुछ दिनों से काफी कम देखी जा रही है।

शेयर बाजार में चल रही गिरावट के कारण निवेशक और स्टॉकिस्टों का ध्यान बुलियन मार्केट की ओर जाने लगा है। इसे देखते हुए सोने की कीमतों में विशेष मंदी की स्थिति नजर नहीं आ रही है। लग्नसरा की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों से अवश्य ही पुराना सोना सीमित मात्रा में आ रहा है जिसके बदले में नए जेवर जा रहे हैं हालांकि वर्तमान में जेवर के वजन में कमी आई है। दक्षिण अफ्रीका में स्वर्ण उत्पादन में लगभग 18 प्रतिशत की कमी होने से एमएमटीसी द्वारा सोने का भविष्य तेजी सूचक है।

सूत्रों के अनुसार लंदन एक्सचेंज में अमेरिकी डॉलर यूरो व पौंड की तुलना में लगभग 125 तथा 148.87 सेंट पर मजबूत होने और अमेरिका में पेट्रोलियम 52.68 डॉलर प्रति बैरल पर कमजोर होने का सोने पर प्रभाव नहीं पड़ा। चांदी में भी लग्नसरा वालों की मांग बराबर बनी हुई है। चांदी के दाम भी कम होने से निवेशकों का रुझान इसमें भी देखा जा रहा है। दूसरी ओर दिसंबर में विदेशी बाजारों में क्रिसमस और नववर्ष को ध्यान में रखते हुए उपभोक्ता मांग अच्छी निकलने की संभावना है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों की मांग निकलने की संभावनाओं से वर्तमान सोने और चांदी में मंदी की स्थिति नहीं है।





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