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इंदौर. बिजली बिलों की ऑन लाइन बिलिंग जल्द ही होने लगेगी। इसके लिए बिजली कंपनी का एक कंपनी से अनुबंध हो गया है। फिलहाल यह लाभ इंदौर के उपभोक्ताओं को मिल सकेगा।
इससे बिजली कंपनी को भी हर मिनट पता चल सकेगा कि कब तक कितने बिल भुगतान हुए। म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत कंपनी के सीएमडी पी.डी. कुलकर्णी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा यह अगले माह से शुरू होगी। पहले इसे 15 अगस्त से शुरू करने की योजना थी।
तब अनुबंध की चर्चा चल रही थी लेकिन कुछ बिंदुओं पर मामला अटक गया था। बिजली कंपनी का कार्य क्षेत्र इंदौर-उज्जैन संभाग के 14 जिले हैं लेकिन पहले चरण में इंदौर के शहरी क्षेत्र के लिए अनुबंध किया गया है। अनुबंध के मुताबिक संबंधित कंपनी शहर के सभी 20 बिजली जोन पर अपने कर्मचारी तैनात करेगी और कम्प्यूटर, प्रिंटर आदि उपकरण भी उसी के होंगे। किसी भी जोन पर किसी भी इलाके का उपभोक्ता बिल भुगतान कर सकेगा। बिल भरते ही जानकारी बिजली कंपनी मुख्यालय के सेंटर पर पहुंच जाएगी।
ये होंगे फायदे
उपभोक्ता यदि बिल भरने में अंतिम तिथि से एक या दो दिन भी चूक जाता है तो उस पर पूरे महीने का सरचार्ज लग जाता है। यह विसंगति ऑन लाइन सिस्टम से दूर हो जाएगी।
रोज जमा होते हैं एक करोड़
इंदौर शहर में 20 बिजली जोन और 125 बिल भुगतान केंद्र हैं जहां रोजाना औसतन एक करोड़ रुपए जमा होते हैं। बिल कम्प्यूटर के जरिए ही जमा किए जाते हैं और कहीं भी जमा कराए जा सकते हैं। गड़बड़ी होने पर बिल सुधरवाने के लिए डिविजनल कार्यालय जाना पड़ता है।
ये हैं विसंगतियां
>> पोलो ग्राउंड (जीपीएच) स्थित मुख्य कम्प्यूटर केंद्र (आरएमएस) पर बिल तैयार होते हैं।
>> भुगतान केंद्रों पर बिल भरने की जानकारी तत्काल या उसी दिन नहीं पहुंच पाती। कुछ दिन की या पूरे माह की जानकारी अगले माह आरएमएस को दी जाती है।
>> अंतिम तिथि चूक जाने के बाद बिल भरने के कारण सरचार्ज लग जाता है और बिल भरने की जानकारी नहीं पहुंचने से पूरे माह का सरचार्ज बिल में जुड़ जाता है।
>> एक हजार रुपए तक के बिल पर विलंब होने पर दो रुपए रोज और उससे अधिक के बिल पर पांच रुपए रोज सरचार्ज लग जाता है। नियम यह है कि जितने दिन विलंब हो, उतने दिनों का ही सरचार्ज लगे।