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अमृतसरपार्टी में आए हैं तो मुंह तो मीठा करना ही होगा। आप राजभोग, कलाकंद, अंजीर या फिर कुछ और लेंगे? अरे! डायबिटीज है तो क्या हुआ, मैंने शुगर फ्री मिठाइयों का भी प्रबंध कर रखा है..। जी हां, कुछ ऐसी ही मेहमाननवाजी होती है उनकी जो शुगर के पेशेंट होते हैं। कोई भी त्यौहार हो या फिर पार्टी, शुगर फ्री मिठाइयों ने अपना महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है।
मन है कि मानता नहीं..
अब मिठाइयों को बात चल रही है तो अक्सर लोगों के मुंह में पानी आ ही जाता है। ऐसे में अगर डाक्टरों ने शुगर की वजह से मिठाइयां खाने के लिए मना किया है तो इसके लिए शुगर फ्री मिठाइयां बाजार में उपलब्ध हैं, जिनको डायबिटीज के मरीज भरपूर उपभोग कर रहे हैं। आजकल तो मेहमानों के लिए अलग से घरों में शुगर फ्री मिठाइयां रखी रहती हैं, जो डायबिटीज मरीजों के लिए और अधिक समस्या उत्पन्न कर रही हैं।
डायबिटीज का उपाय समुचित खान-पान और परहेज है, न कि वैकल्पिक मिठाइयां। शुगर फ्री मिठाइयां भी उतनी ही हानिकारक होती हैं, जितना कि अन्य। यह कहना है आयुर्वेदाचार्य डा. नवीन आर्य का। उन्होंने बताया कि शुगर फ्री मिठाइयों में नॉन कैलोरी में सेक्रिन बेस्ड कंपाउंड होते हैं। डायबिटीज के कारण शरीर की आटो इम्यून डिसआर्डर (रोग प्रतिरोधक क्षमता) कम हो जाती है। हर वह चीज जो तेल, घी में फ्राई की गई है नुकसानदेह होती है। मिठाई खाएं ध्यान से
शुगर फ्री मिठाइयों का सेवन सिर्फ आत्मसंतुष्टि के लिए व्यक्ति करता है। ऐसा मानना कि इसमें कोई शुगर नहीं है, बिल्कुल बकवास है। शुगर का मतलब सिर्फ चीनी से नहीं लगाना चाहिए, उसमें पड़ने वाले मैदा, खोया, घी आदि का भी ध्यान रखें। यह कहना है कि श्री लक्ष्मीनारायण आयुर्वेदिक कालेज के पिं्रसिपल डा. डीसी पांडेय का। उनका मानना है कि डायबिटीज मरीजों की सख्या भारत में बढ़ रही है, ऐसे में शुगर फ्री के नाम पर मिठाइयां बेचने का नया तरीका बिक्रेताओं ने इजाद किया है।
महामारी का रूप लेगी डायबिटीज
आयुर्वेदाचार्य डा. धीरज के अनुसार, भले ही दावे शुगर फ्री मिठाइयों के किए जाते हैं लेकिन जो चीज डीप फ्राई हो गई तो उसके गुणों परिवर्तन आना लाजिमी है। वह डायबिटीज पेंशेंट के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। आने वाले दिनों में भारत में डायबिटीज महामारी का रूप धारण कर लेगी। खासकर पंजाब के लोगों में रहन-सहन और खान-पान की वजह से यह रोग ज्यादा फैल रहा है।
शुगर फ्री मिठाइयों के नुकसान: सिरदर्द, अनिद्रा, पेट दर्द, खाने का स्वादिष्ट न लगना, याददाश्त कमजोर पड़ना आदि।
महंगी मिठाइयों की ‘कड़वी’ सच्चई शुगर फ्री मिठाइयों को खरीदने के लिए आपको ज्यादा पैसे भी खर्चने पड़ते हैं। आमतौर पर जिस पीस का दाम 12 रुपया होता है, वहीं शुगर फ्री के नाम पर उसी का दाम लगभग 16 रुपए तक होता है। बच्चों में इस प्रकार के केसेज ज्यादा देखे जाते हैं, क्योंकि बच्चे मिठाइयों का सेवन कुछ ज्यादा ही करते हैं। मिठाइयों के सेवन से काबरेहाइड्रेट की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे ब्लड में शुगर की मात्रा आटोमेटिक बढ़ जाती है। वैसे भी मार्केट में उपलब्ध शुगर फ्री मिठाइयों की जांच होनी चाहिए।
-डा. नरेश ग्रोवर, पीडियाट्रिक्स