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लीडरशिप मंत्र. यह सोचना ज्यादा आसान और स्वाभाविक है, ‘सामने वाले को पहल करना चाहिए।’ ‘उसे मेरे घर पहले आना चाहिए।’ ‘उसे पहले बात शुरू करना चाहिए।’ दूसरे लोगों को इस तरह से नजरअंदाज करना बहुत आसान होता है।
हां, यह आसान है और स्वाभाविक है, परंतु लोगों के बारे में अच्छा सोचने का यह सही तरीका नहीं है। अगर आप इस बात का इंतजार करेंगे कि दूसरा आदमी दोस्ती की नींव रखे तो आपके पास कभी ज्यादा दोस्त नहीं होंगे। वास्तव में यही सच्चे लीडर की पहचान है कि वह लोगों से पहचान बढ़ाने में पहल करता है।
अगली बार आप जब भी किसी बड़े समूह में खड़े हों, तो इस बात को ध्यान से देखें : वहां पर मौजूद सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति वह होता है, जो अपना परिचय देने में सबसे ज्यादा सक्रिय होता है। वह आदमी सचमुच सफल होगा जो आपके पास स्वयं आता है, आपसे हाथ मिलाता है और आपसे बात करता है। इस बात पर थोड़ा विचार कीजिए और आप पाएंगे कि वह आदमी इसलिए सफल होगा क्योंकि वह दोस्ती करने के लिए मेहनत कर रहा है।
लोगों के बारे में अच्छा सोचिए। आपने कभी सोचा है कि लोग लिफ्ट का इंतजार करते समय पुतलों की तरह क्यों खड़े होते हैं? जब तक कि वे अपने किसी परिचित के साथ न हों, तब तक ज्यादातर लोग अपने आसपास खड़े लोगों से बात ही नहीं करते।
एक दिन मैंने इस बारे में छोटा-सा प्रयोग करने का फैसला किया। मैंने अपने पास खड़े आदमी से बातचीत शुरू करने का फैसला किया। मैंने 25 बार लगातार ऐसा किया और 25 बार ही मुझे इसके जवाब में सकारात्मक, दोस्ताना जवाब मिला। हालांकि अजनबियों के साथ बात करने को अच्छे मैनर्स में शामिल नहीं किया जाता, परंतु ज्यादातर लोग फिर भी इस बात को पसंद करते हैं। हर बार जब आप किसी आदमी की तारीफ करते हैं, तो आप दरअसल अपने आपको लाभ पहुंचा रहे होते हैं।