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जयपुर. विधानसभा चुनावों में चिन्हित स्थलों के अलावा अन्य स्थानों पर लगाए गए होर्डिग, बैनर व पोस्टरों के हटाने का खर्चा जिला प्रशासन संबंधित प्रत्याशियों से वसूलेगा तथा उसका हटाने का खर्चा चुनाव खर्च में भी जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ संपत्ति निरूपण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचन अवधि के दौरान चुनाव प्रचार स्थानीय निकायों द्वारा उपलब्ध कराए गए चिन्हित स्थलों पर ही किया जा सकता है एवं इन स्थलों पर सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को समान अवसर भी सुनिश्चित किए जाएंगे। शहर में नगर निगम व जेडीए की ओर से प्रचार-प्रसार के लिए स्थल चिन्हित कर इनकी सूची विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारियों को दी गई है।
इन स्थलों पर रिटर्निंग अधिकारी समान अवसरों के आधार पर सभी प्रत्याशियों को स्थान उपलब्ध कराएगा। जिला प्रशासन ने नियत स्थलों के अतिरिक्त सार्वजनिक अथवा निजी स्थलों लगी प्रचार सामग्री को शीघ्र हटाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर प्रवीण गुप्ता ने बताया कि आदर्श आचार संहिता की पालना व शहर के सौंदर्यीकरण के लिए यह कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन हटाएगा तो यह होगी दर
सार्वजनिक व निजी स्थलों पर लगी प्रचारित सामग्री हटाने के लिए जिला प्रशासन ने दर निर्धारित की है। इसके अनुसार पोस्टर और वॉल पेन्टिंग हटाने के बाद सफाई व पुताई चार्ज के रूप में 50 रुपए प्रति वर्ग फुट की राशि वसूली जाएगी। होडिर्ंग व बोर्ड के 50 रुपए प्रति नग, बैनर के 5 रुपए प्रति नगर, झंडियों के 3 रुपए प्रति नग, कटआउट के 20 रुपए प्रति नगर एवं बांदरवाल के 10 रुपए प्रति 100 फीट की राशि वसूली जाएगी। यह जिला प्रशासन यह राशि वसूलने के साथ ही इसे प्रत्याशी के चुनाव खर्च में भी जोड़ेगा।
प्रचार स्थलों का आबंटन
जिला प्रशासन की ओर से सभी पार्टियों को प्रचार स्थलों के आबंटन के लिए गठित कमेटी ने गुरुवार को चार आवेदनों के आधार पर प्रचार सामग्री लगाने के लिए उन्हें स्थान आबंटित किए। स्थान आबंटन के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर उत्तर के.के. शर्मा, जेडीए के अतिरिक्त आयुक्त एच.एस. भारद्वाज एवं नगर निगम आयुक्त राजस्व अनुप्रेरणा कुन्तल की एक समिति बनाई गई है।