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कर्मचारियों को भी चुनावी बुखार

जयपुर. पहले आदर्श चुनाव आचार संहिता की बंदिश, तो अब चुनावी लहर के असर से कर्मचारियों का काम में उतना मन नहीं लग रहा। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, लोग दफ्तरों से जल्दी निकलने लगे हैं।

नगर निगम मुख्यालय व जोन कार्यालयों में कर्मचारी व अधिकारी नहीं मिलने से जनता के काम अटकने लगे हैं। शहर की सफाई व्यवस्था चौपट हो रही है, तो कई कॉलोनियों में बंद पड़ी रोड लाइटों को सुधारने की संभावना फिलहाल नहीं नजर आ रही। आचार संहिता लगने के कारण निगम में नक्शे स्वीकृति, भूउपयोग परिवर्तन के काम तो अटके हैं ही, शहर में धड़ल्ले से हो रहे बड़े अतिक्रमणों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यूं कार्रवाई के नाम पर निगम पोस्टर-बैनर हटाकर संतुष्ट है।

शिकायत का समाधान नहीं
सोढाला पुलिस थाने के नजदीक गायत्री नगर में कई दिनों से गलियों की लाइटें बंद पड़ी हैं। स्थानीय लोगों ने पहले तो संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत की। इस पर सुनवाई नहीं हुई तो वे विद्युत वितरण निगम पहुंच गए। वहां विद्युत चेयरमैन हरीश शर्मा ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिए जा चुके हैं। समाधान जल्द हो जाएगा।

स्लॉटर हाउस का काम अटका
चैनपुरा में आधुनिक बूचड़खाना (मॉर्डन स्लॉटर हाउस) बनाने का काम भी अटका हुआ है। इसके संबंध में निगम के अधिकारी कहने लगे हैं कि चुनाव की वजह से काम की गति प्रभावित हुई है। सफाई का ठेका नहीं
आचार संहिता लगने से पहले शहर की सफाई का ठेका एक कंपनी को दिया जाना था, लेकिन ठेके की दर बहुत ज्यादा होने से कुछ पार्षदों ने इसका विरोध किया। उसके बाद से न तो ठेका दिया गया और न ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के प्रयास हुए हैं।

शहर की सफाई व्यवस्था सही करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। अतिक्रमण की शिकायतों को भी निपटाया जा रहा है। हालांकि कुछ काम ऐसे हैं, जो आचार संहिता लागू होने से स्थगित किए गए हैं। चुनाव के तुरंत बाद मॉडर्न स्लॉटर हाउस का काम किया जाएगा।
—अखिल अरोड़ा, सीईओ, जयपुर नगर निगम





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