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किस्या मूंडा सू वोट मांगबा आसी

सीकर. शेखावाटी के मुकुट माने जाने वाले सीकर में राजनीतिक चौसर बिछ चुकी है। जयपुर रोड पर पलसाना से लेकर लोसल तक और नानी गेट से लेकर फतेहपुर तक, हर तरफ लोग सिर्फ राजनीतिक बिसात के मोहरों को ही सुलझाते नजर आते हैं।

कभी कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले सीकर में पिछले चुनाव में राजनीतिक रूप से बराबरी का परिणाम रहा। कांग्रेस के पक्ष में फतेहपुर, दांतारामगढ़ और खंडेला विधानसभा सीट गई तो भाजपा के पक्ष में सीकर, नीम का थाना और लक्ष्मणगढ़। सीकर की राजनीति को देखते हुए अगले चुनाव कुछ अप्रत्याशित ही होने चाहिए।

सवाल है कि लगातार विधानसभा में जा रहे अमराराम क्या फिर से जाएंगे? क्या लालझंडे का प्रतिनिधित्व नहीं होगा? क्या नारायणसिंह फिर से विधानसभा में होंगे? क्या नंदकिशोर महरिया सदन में पहुंच पाएंगे? क्या भंवरू खां तिकड़ी बना पाएंगे? भाजपा फिर से आधी सीटें ले पाएगी? कम लेगी या ज्यादा, यह ऐसे सवाल हैं, जो इस संवाददाता को सीकर के लगभग हर गांव में सुनने को मिले।

वे बताते हैं हार का गणित
पिछले लंबे समय से कामरेड अमराराम की कार्यस्थली रही धौद विधानसभा क्षेत्र इस बार आरक्षित हो गई। कांग्रेस ने यहां से हाईप्रोफाइल उम्मीदवार और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष परसराम मोरदिया को उतारा। उनका मुकाबला है गोरधर प्रधान और कामरेड प्रेमाराम से। हालांकि कुछ और उम्मीदवार भी मैदान में हैं। मोरदिया की पुत्रवधू रही लक्ष्मी भी यहां से बसपा से चुनाव लड़ रही हैं। अन्य मुद्दों के साथ-साथ मोरदिया और उनके परिवार के खिलाफ कुछ समय पहले हुआ एक पारिवारिक मुकदमा भी चुनावी चकल्लस का केन्द्र है। गांवों में अभी भी लोग अमराराम सा किसान उम्मीदवार तलाश कर रहे हैं।

लोसल के रामपाल शर्मा की बात समझेंगे तो लोगों की उपेक्षा स्पष्ट हो जाएगी। शर्मा कहते हैं कि अमराराम अकेला हमारी बात हर जगह कहता था, अब इनमें से तो कोई ऐसा आदमी ही नजर नहीं आता। एक और आश्चर्यचकित कर देने वाली बात है कि कोई भी आदमी यह नहीं सुनने या मानने को तैयार हेै कि फलां आदमी उम्मीदवार या पार्टी जीतेगी। यहां के लोग सभी प्रमुख उम्मीदवारों की हार का गणित अवश्य समझा देंगे। चुनावी मुद्दा प्रमुख रूप से नरेगा और पानी ही बताया जा रहा है। बसपा उम्मीदवार लक्ष्मी पूरी तरह पारिवारिक मामले को प्रचारित कर रही हैं और मोरदिया परिवार की कथित कहानी कह कर लोगों की सहानुभूति बटोरने का प्रयास कर रही हैं।





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