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जयपुर. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव में पहली बार विकास के मुद्दे पर चुनाव जीतेगी और सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि हालांकि लोग कह रहे हैं कि विकास के नाम पर कभी वोट नहीं मिलते, लेकिन भाजपा सरकार ने प्रदेश में पिछले पांच साल के दौरान जितने विकास कार्य कराए हैं, उतने काम आज तक नहीं हुए। आम जनता में भाजपा की ओर से कराए गए विकास कार्यो को लेकर चर्चा है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को भाजपा मुख्यालय में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे जनार्दनसिंह गहलोत को पार्टी में शामिल करने के बाद पत्रकारों से बात कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अब दुनिया बदल चुकी है। वर्ष 2003 में हमने परिवर्तन के साथ ही विकास कार्य कराने का संकल्प लिया था और पिछले साल में हम विकास की नई हवा बनाने में सक्षम रहे हैं। उन्होंने कहाकि प्रदेश में इस समय भाजपा के पक्ष में वातावरण बना हुआ है। इसी ऊर्जा को लेकर हम फिर से मैदान में उतरे हैं।
कांग्रेस के पूर्वमंत्री जनार्दन गहलोत का भाजपा में आने पर स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार बढ़ता है तो खुशी होती है। आज पार्टी में शामिल हुए गहलोत भाजपा की ताकत को और बढ़ाने में सहयोग करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी गोपीनाथ मुंडे, राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर, सांसद रामदास अग्रवाल और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर भी मौजूद थे।
कांग्रेस में घुटन हो रही थी : पूर्व मंत्री जनार्दनसिंह गहलोत ने कहा कि उन्होंने 43 साल कांग्रेस की सेवा की है, लेकिन पिछले दिनों जिस तरह के फैसले हुए उससे उन्हें वहां घुटन हो रही थी। वसुंधरा सरकार ने अपने शासन में जिस तरह से विकास कार्य कराए हैं, उससे वे प्रभावित हैं और खुद आगे चलकर भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सी.पी. जोशी, जहां-जहां प्रचार के लिए जाएंगे, वहां भाजपा का काम आसान हो जाएगा।
प्रेस कांफ्रेंस में गहलोत और मुख्यमंत्री से सवाल :
जनार्दन गहलोत से सवाल : अभी आपने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पांच साल तक खजाना खाली होने का रोना रोते रहे। आप भी तो कैबीनेट मंत्री थे। तब आप क्या कर रहे थे।
जवाब : यह सही है कि मैं उस समय मंत्री था। मंत्री कितने दिन रहा, यह भी आपको पता है। मंत्री तो मुख्यमंत्री को सलाह ही दे सकता है।
सवाल : आप तो सिर्फ यह बताएं कि क्या वास्तव में खजाना ही खाली था, या तत्कालीन मुख्यमंत्री जनता में असत्य बयान कर रहे थे।
जवाब : मुख्यमंत्री का कुछ मामलों में विशेषाधिकार होता है। मंत्री कैबीनेट में सलाह ही दे सकता है। हमने उन्हें सलाह दी हो तो आपको क्या पता।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने माइक अपनी तरफ लिया। वे बोलीं कि खजाना खाली होने से मतलब इच्छा शक्ति से होता है। इच्छाशक्ति हो तो सभी संसाधन जुटा लिए जाते हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री की इच्छा शक्ति नहीं रही होगी।
सवाल : मुख्यमंत्री जी, जनार्दन गहलोत को क्या किरोड़ीलाल मीणा के विकल्प के रूप में शामिल किया है।
जवाब : किरोड़ीलाल जी को लेकर आपको बहुत तकलीफ हो रही है।