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भोपाल.
शो मैन माने जाने वाले प्रख्यात निर्देशक सुभाष घई की नई फिल्म युवराज शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। अनिल कपूर, सलमान खान, जाएद खान, कैटरीना कैफ जैसे बड़े सितारों तथा गुलÊार के गीतों और ए. आर. रहमान के संगीत निर्देशन से सजी इस फिल्म से भोपाल का गहरा जुड़ाव है, और यह जुड़ाव है शहर की शिल्पी दासगुप्ता का जो इस फिल्म की एसोसिएट डायरेक्टर हैं।
पूना फिल्म इन्स्टीटच्यूट से निर्देशन में प्रशिक्षित शिल्पी वरिष्ठ रंगकर्मी पापिया दासगुप्ता की बेटी हैं। शिल्पी से सिटी भास्कर के लिए की खास चर्चा।
आपके लिए निर्देशन का महत्व?
युवराज का एसोसिएट डायरेक्टर होना मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले सुभाष जी ने अनिल कपूर के साथ एक और उल्लेखनीय फिल्म ब्लैक एण्ड व्हाइट बनायी थी, उसमंे भी मैंने इसी तरह काम किया था। लेकिन युवराज की बात और है। यह बड़े सितारों से सजी बड़े कैनवास की फिल्म है। गुलÊार साहब भी इस फिल्म से जुड़े हैं। रहमान साहब का संगीत है। फिल्म का हिस्सा बनना मेरे करियर की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
सुभाष जी से कैसे मिलीं?
पूना फिल्म इन्स्टीटच्यूट से डिप्लोमा करने के बाद जब मैं लगातार अपनी कुछ लघु फिल्में बना रही थी, उनमें से कुछ फिल्में अन्तरराष्ट्रीय फिल्म समारोह का हिस्सा भी बनीं, उस समय मुझे सुभाष जी से ऑफिस से बुलावा आया था। मैंने उनसे मुक्ता आर्ट्स से जुड़ने की इच्छा जताई। बाद में उन्होंने बाद में मुझे मुक्ता आर्ट्स से जोड़ा मुझे दो फिल्मों में काम करने को मिला।
मुक्ता आर्ट्स की खासियत क्या है?
भव्यता और परफेक्शन मुक्ता आर्ट्स की खासियत है, चाहे इसके लिए कितना बड़ा खर्च करना पड़े, चाहे इसके लिए कहीं भी जाना पड़े या चाहे जितना समय खर्च करना पड़े, सुभाष जी की कंपनी मुक्ता आर्ट्स इन मामलों में कभी समझौता नहीं करती। इस फिल्म की शूटिंग आस्ट्रिया-प्राग में हुई है। वहां की खूबसूरत लोकेशन देखकर दर्शक दंग रह जाएंगे।
अगला लक्ष्य
निश्चित रूप से स्वयं अपनी फिल्म को लेकर लगातार सोचना है मेरा लक्ष्य। कभी किसी दिन सुभाष जी ने मुझे बुलाकर मुक्ता आर्ट्स की कोई फिल्म मुझे सौंपी तो इससे बढ़कर मेरे लिए कुछ न होगा। वैसे मैं स्वयं दिसम्बर में विदेश जा रही हूँ। वहाँ से लौटकर कुछ न कुछ ऐसा नया काम Êारूर घोषित करूंगी, जिससे मुझे, मेरे भोपाल की दुआएं मिलें।