|
भोपालवन्य प्राणियों की देखरेख सही ढंग से हो रही है या नहीं, इस पर नजर रखने के लिए वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में ‘ऑटोमेटिक वाइल्ड लाइफ मॉनिटरिंग सिस्टम’ लगाया गया है। इस सिस्टम में टेस्टिंग के तौर पर दो बाघों के बाड़ों में कैमरे लगाए गए हैं।
उनका आउटपुट उद्यान के संचालक किसी भी समय अपने कार्यालय में देख या रिकार्ड कर सकते हैं। फिलहाल इसे टेस्टिंग के तौर पर लगाया है, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी की मंजूरी के बाद इसे अन्य स्थानों पर भी लगाया जा सकेगा।
क्या होगा फायदा
वन विहार के अधिकारियों का मानना है कि बाड़ों में लगे कैमरे से वन्य प्राणी की गतिविधि पर पूरे समय नजर रखी जा सकेगी। बीमार होने की हालत में भी यह कैमरे मददगार साबित होंगे। इसके अलावा एक ही स्थान पर रहकर यह देखा जा सकेगा कि वन्य प्राणियों की देखरेख सही ढंग से हो रही है या नहीं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि ऐसे कैमरे नेशनल पार्कों में लगाए जाएं तो वन्य प्राणियों की संख्या का सही अंदाजा भी लगाया जा सकेगा।
मिल सकती है सौगात टेस्टिंग के लिए एक सप्ताह पहले लगाए गए इन कैमरों को 15 दिनों तक उपयोग करने के बाद उनकी सभी खामियों को दूर किया जाएगा। जिसकी पूरी रिपोर्ट प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी को भेजी जाएगी। अगर मंजूरी मिल जाती है तो इस सिस्टम के तहत दो कैमरे उद्यान के मुख्य द्वार पर दो मूविंग कैमरे घायल व बीमार वन्य प्राणियों के लिए और दो कैमरे सांप एवं बाघ बाड़े में लगाए जाने की योजना है।
-एसएस राजपूत, संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान