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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. हरदाडीह(सीपत) के आश्रित गांव बदरापारा में उल्टी, दस्त एवं मलेरिया से 4 लोगों की मृत्यु हो जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया है कि मलेरिया से सिर्फ एक मौत हुई है, बाकी तीन मौतें अलग-अलग कारणों से हुई हैं।
वहीं खबर है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौके पर चलाए गए विशेष जांच अभियान में बुखार से पीड़ित डेढ़ सौ लोगों की स्लाइड जांच में मात्र चार लोग मलेरिया बुखार से पीड़ित मिले हैं तथा प्रभावित तीन गांवों की स्थिति अब सामान्य है। सीपत क्षेत्र के ग्राम हरदाडीह भदरापारा में उल्टी-दस्त व मलेरिया से मासूम बच्ची समेत चार लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे के अफसरों ने मंगलवार को प्रभावित गांव, हिंडाडीह, हड़कपुर व भदरापारा का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
सर्दी बुखार से पीड़ित डेढ़ सौ ग्रामीणों का स्लाइड टेस्ट कराया गया जिनमें से मात्र चार लोग मलेरिया बुखार से पीड़ित मिले। सर्दी, खांसी व बुखार से पीड़ित ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाइयों का वितरण किया गया। वहीं शहर के नर्सिग होम में मृत चार वर्षीया बालिका के उपचार से संबंधित समस्त जांच रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय में प्रस्तुत करने कहा गया है। शाम को पीड़ितों को नर्सो के भरोसे छोड़कर डाक्टरों की टीम चुनावी डच्यूटी के लिए वापस लौट आई।
बीएमओ डा. अशोक सन्याल का कहना है कि प्रभावित गांवों के मृतकों की मौत अलग-अलग कारणों से हुई है। चार वर्षीया बच्ची शीला बुखार व पीलिया से पीड़ित थी। वहीं उसके पिता की मौत उल्टी-दस्त से हुई है। यशोदा बाई नामक महिला की मौत प्रसव के बाद अत्यधिक रक्त स्राव से हुई है। एक वृद्घ लंबे समय से लकवे की बीमारी से पीड़ित था जिसको उल्टी-दस्त हुआ और इसके बाद उसकी मौत हो गई। गांव में महामारी जैसी कोई स्थिति नहीं है। इसलिए डाक्टर टीम को वापस भेजकर नर्सो की डच्यूटी लगा दी गई है।
तीन गांवों में उल्टी-दस्त व मलेरिया के संक्रमण का संकेत मिलने पर बीएमओ डा. एके सन्याल के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम को प्रभावित गांव में जांच के लिए रवाना किया गया था। इन तीन गांवों में 147 लोगों का स्लाइड टेस्ट लिया गया जिनमें से चार लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। वहीं मृत लोगों की मौत की वजह भी अलग अलग होने की बात सामने आई है।
-डा. सुरेंद्र पामभोई, सीएमओ, बिलासपुर