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मुल्जिम ने फेंकी मजिस्ट्रेट पर चप्पल

मदनगंज-किशनगढ़. न्यायालय में सुनवाई के दौरान चोरी के एक आरोपी ने चप्पल खोलकर मजिस्ट्रेट पर फेंक कर मारी। अचानक हुई इस घटना से एकबार तो अदालत में मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए। बाद में आरोपी को चालानी गार्ड ने कब्जे में कर लिया।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आरती भारद्वाज गुरुवार को चोरी के मामले में सुनवाई कर रही थीं। इसी दौरान कठघरे में खड़े आरोपी किशनगढ़ शहर निवासी दीपक जोधा पुत्र विजयसिंह ने चप्पल उतारकर उन पर फेंक दी। चप्पल डायस व मजिस्ट्रेट के हाथ से टकरा कर नीचे गिर गई। अचानक घटित घटना से सभी सकते में आ गए। घटना के बाद वहीं खड़े चालानी गार्ड ने आरोपी दीपक को पकड़ लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही न्यायालय परिसर में वकील एकत्रित हो गए। अजमेर से एडीजे केके बागड़ी व सीजेएम सुशील पारीक ने किशनगढ़ कोर्ट पहुंचकर घटना की जानकारी ली। पुलिस ने मजिस्ट्रेट भारद्वाज की रिपोर्ट पर धारा 332, 353 में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सजा दिए जाने से नाराज था : सुनवाई के दौरान दीपक अन्य आरोपियों के साथ खड़ा था। जैसे ही उसे आगे लाया गया और प्रोसिडिंग्स पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा तो दीपक ने पांव से चप्पल निकाल कर चिल्लाते हुए कहा कि मुझे सजा क्यों दी? इसके बाद चप्पल को लहराते हुए मजिस्ट्रेट की ओर फेंक दी। दीपक को इसी कोर्ट से पूर्व में मोटरसाइकिल चोरी के अन्य तीन मामलों में 3-3 साल की सजा सुनाई जा चुकी है।

इस मामले की थी सुनवाई
दीपक जोधा और उसके साथी पवन सिंह पर मोटरसाइकिल चोरी का आरोप है। पर्ल रेस्टोरेंट के नजदीक 30 मार्च को हरदेव ओड की मोटरसाइकिल चोरी के मामले में दीपक व पवन को गिरफ्तार किया गया था। पवन तो जमानत पर रिहा हो गया लेकिन दीपक को अन्य प्रकरणों के चलते न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया था।

आठ मामले, तीन में मिली सजा
दीपक मोटरसाइकिल चोरी के कई मामलों में लिप्त है। मदनगंज पुलिस ने उससे 24 मोटरसाइकिलें बरामद की थीं। उस पर मोटरसाइकिल चोरी के 8 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 3 मामलों में उसे 3-3 साल की सजा हो चुकी है।

बार ने की निंदा
मजिस्ट्रेट पर आरोपी द्वारा चप्पल फेंकने की घटना की किशनगढ़ बार एसोसिएशन ने निंदा की है। बार सचिव रविकांत शर्मा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। वहीं आरोपी के वकीलों ने उसकी ओर से आगे पैरवी करने से इनकार कर दिया है।

सजा दिए जाने से नाराज था
सुनवाई के दौरान दीपक अन्य आरोपियों के साथ खड़ा था। जैसे ही उसे आगे लाया गया और प्रोसिडिंग्स पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा तो दीपक ने पांव से चप्पल निकाल कर चिल्लाते हुए कहा कि मुझे सजा क्यों दी? इसके बाद चप्पल को लहराते हुए मजिस्ट्रेट की ओर फेंक दी। दीपक को इसी कोर्ट से पूर्व में मोटरसाइकिल चोरी के अन्य तीन मामलों में 3-3 साल की सजा सुनाई जा चुकी है।





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