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नई दिल्ली. बच्चों की देखभाल करने के लिए महिला कर्मचारियों को विशेष अवकाश देने की घोषणा के दो माह बाद केंद्र सरकार की यह योजना अब ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है। दरअसल केंद्रीय कर्मचारियों को दी जाने वाली इस सुविधा पर कई विभागों ने कर्मकारियों की कमी हो जाने की आशंका जताई थी। इससे आदेश में संशोधन कर जो नया सकरुलर जारी किया गया है, उसने पुराने आदेश को लगभग पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में महिलाओं को छह माह के मातृत्व अवकाश के अलावा दो वर्ष का विशेष बाल कल्याण अवकाश (सीसीएल) देने की घोषणा की थी। लेकिन छठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित यह घोषणा कई विभागों के लिए गले की हड्डी बन गई। इन विभागों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सुविधा के नाम पर लंबी छुट्टी की अर्जी दे दी है।
पूर्ववर्ती आदेश में बदलाव : विभागों की इस परेशानी के मद्देनजर कार्मिक व जन शिकायत मंत्रालय के अधीन प्रशिक्षण व कार्मिक विभाग ने इस पूर्ववर्ती आदेश में बदलाव किया है। संशोधित आदेश के मुताबिक, महिला कर्मचारी सीसीएल को उनके अधिकार के तौर नहीं मांग सकती हैं। साथ ही, यह तभी उपलब्ध होगा, जब उनके पास सवैतनिक अवकाश (ईएल) होंगे।
जुड़ेगी रविवार की छुट्टी : संशोधित आदेश के सकरुलर में कहा गया है, ‘वेतन आयोग के सुझाव का आशय महिलाओं को उस वक्त अवकाश देना है, जब उनके बच्चों को मां की सर्वाधिक जरूरत होती है। इसका आशय यह कतई नहीं हैं कि सीसीएल देने से कार्यालय का काम प्रभावित हो।’ संशोधित आदेश के मुताबिक, सीसीएल को ईएल जैसा ही माना जाएगा और इसमें शनिवार, रविवार समेत अवकाश के दौरान जितनी भी छुट्टियां होंगी, उन्हें जोड़ा जाएगा।