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Chandigarh Chandigarh राजधानी हरियाणा हरियाणा में अलग से चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान निदेशालय स्थापित करने का फैसला किया गया है। इस निदेशालय का मुख्य कार्य श्रेष्ठ चिकित्सा शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए नीतियां बनाना, स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र से संबंधित स्कूलों व कॉलेजों पर नियंत्रण, निजी व सरकारी कॉलेजों की दाखिला, परीक्षा व फीस के मामले तय करना और इस क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत निवेश को प्रोत्साहित करना होगा।
यह फैसला शुक्रवार को यहां मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। फैसले के मुताबिक निदेशालय प्रमाण पत्र जारी करने और स्वास्थ्य क्षेत्र के कोर्र्सो के पुनर्गठन और अंतरराज्यीय तालमेल का कार्य भी देखेगा। इसके लिए 30 पद मंजूर किए गए हैं। इनमें निदेशक व संयुक्त निदेशक के एक-एक और उप निदेशक व उप अधीक्षक के दो-दो पदों के अलावा कुछ दूसरे पद भी शामिल हैं।
एचपीएससी के अधिकार क्षेत्र से चिकित्सा अधिकारी के पद बाहर :
मंत्रिमंडल ने चिकित्सा अधिकारी के पद हरियाणा लोक सेवा आयोग के अधिकार क्षेत्र से बाहर निकालने का फैसला किया है। डॉक्टरों की कमी को देखते हुए खाली पदों को जल्द से जल्द भरने के लिए ऐसा किया गया है। चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती स्वास्थ्य विभाग की एक कमेटी करेगी।
होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को राजपत्रित दर्जा :
होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को राजपत्रित (ग्रुप-बी) का दर्जा दिया गया है। इन पदों का वेतनमान 7500-250-10,000-ईबी-250-12,000 एनपीए है।
सेवानिवृत्ति की आयु 60 साल की :
बैठक में कुरूक्षेत्र के श्रीकृष्ण राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज की टीचिंग फैकल्टी की सेवानिवृत्ति की आयु 58 साल से बढ़ा कर 60 साल कर दी गई है।
61 पद स्थाई पदों में परिवर्तित :
राज्य निर्वाचन आयोग के 61 अस्थाई पदों को आज स्थाई पदों में बदलने की मंजूरी दे दी गई। राज्य निर्वाचन आयोग का गठन 1994 में किया गया था।
ग्रुप डी के पदों पर भर्ती कमेटी की सिफारिश पर :
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति को छोड़ कर हरियाणा सरकार के ग्रुप डी के पदों पर भर्ती कर्मचारी चयन कमेटी की सिफारिश पर की जाएंगी। 3050 रुपए मासिक से कम वेतन वाले सभी पदों पर नियुक्तियां कमेटी करेगी। कमेटी में पांच सदस्य होंगे और इसकी अवधि तीन साल होगी।