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राजधानी हरियाणा बीएड की प्रवेश परीक्षा के आधार पर खाली पड़ी सीटों को भरने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कालेजों को अनुमति दे दी है। हरियाणा में लगभग 28 हजार व पंजाब में आठ हजार सीटें प्रवेश परीक्षा के बाद भी खाली हैं।
चीफ जस्टिस तीर्थ सिंह ठाकुर व जस्टिस जसबीर सिंह की खंडपीठ ने कहा कि एनसीटीई से मान्यता प्राप्त व यूनिवर्सिटी से संबद्ध पंजाब और हरियाणा के बीएड कालेज दाखिला दे सकते हैं। प्रवेश परीक्षा के बाद मेरिट के आधार पर ही दाखिला दिया जाए और यह प्रक्रिया 5 दिसंबर तक पूरी कर ली जाए। साथ ही स्पष्ट किया कि निर्देशों के उल्लंघन पर यूनिवर्सिटी व एनसीटीई को संबंधित कालेज के खिलाफ कार्रवाई की छूट होगी।
खंडपीठ ने कालेज से यह भी सुनिश्चित कहा कि देरी से दाखिले पर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं लगाई जाएं। बता दें कि इस संबंध में हरियाणा के एसोसिएशन आफ कालेजेज (सेल्फ फाइनेसिंग) व अन्य याचियों की तरफ से कहा गया था कि पंजाब व हरियाणा में प्रवेश परीक्षा के बाद हजारों सीटें खाली हैं।
ऐसे में कालेजों को इन सीटों को भरने की अनुमति दी जाए। गौरतलब है कि पंजाब में 176 व हरियाणा में 456 ऐसे कालेज हैं,जिनमें बीएड की पढ़ाई होती है।