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नारनौल प्रदेश के ग्रामीणों को भी अब मिनरल वाटर मयस्सर होगा, वह भी 10 पैसे प्रति लीटर की दर पर। राज्य सरकार और स्वयं सेवी संस्था ग्रामीणों को पेयजल मुहैया कराने के लिए प्रदेश के चार जिलों में मिनरल वाटर प्लांट लगाएगी।
योजना के पहले चरण के लिए 100 गांव चुने गए हैं। इनमें झज्जर के 26, नारनौल के 25, कैथल के 28 व मेवात के 21 गांव हैं। यहां प्लांट लगाने के लिए सर्वेक्षण चल रहा है। नांदी फाउंडेशन के जनसंपर्क अधिकारी विश्वभूषण के मुताबिक संस्था पंजाब, राजस्थान व आंध्रप्रदेश के 450 गांवों में यह योजना चलाने के बाद अब इसे हरियाणा में शुरू किया जाएगा।
परियोजना के लिए जमीन पंचायत देगी, लेकिन टैंक बनाने, फिल्टर सिस्टम लगाने, बिजली बिल व अन्य वस्तुएं संस्था की होगी। प्लांट के रख रखाव को गांव के दो व्यक्ति (महिला व पुरुष) करेंगे जिसका खर्च संस्था वहन करेगी।
ये कर्मी जल वितरण व जागरुकता अभियान का जिम्मा भी संभालेंगे। जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग (नारनौल) के कार्यकारी अभियंता डीके गंभीर ने बताया कि नारनौल के 25 गांवों में आरओ सिस्टम लगाने के लिए सर्वे किया जा रहा है।
जिन गांवों में फ्लोराइड, टीडीएस
(सोरायुक्त) पानी की अधिकता है, वहां सर्वे चल रहा है। उसके आधार पर रिपोर्ट राज्य सरकार को बनाकर भेजी जाएगी।
क्या है योजना :
हर गांव में पंचायत की 100 वर्ग गज भूमि पर 3 वाटर टैंक बनाकर पानी साफ किया जाएगा। 5-5 हजार लीटर क्षमता वाले इन टैंकों में संस्था द्वारा आरओ (रिवर्स ओसमोसिस) सिस्टम के जरिये पानी को फिल्टर किया जाएगा। 130 रुपए की लागत वाला 20 लीटर पानी का केन ग्रामीणों को मात्र 2 रुपए में उपलब्ध होगा। प्लांट पर 11.25 लाख की लागत आएगी तथा संस्था व राज्य सरकार 50-50 फीसदी खर्च वहन करेगी।