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नई दिल्ली.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दुनिया में छाए आर्थिक संकट के भारत पर असर के बीच आशा जाहिर की है कि देश विकास की राह पर आगे बढ़ता रहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मंदी से देश की अर्थव्यवस्था को बेअसर रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश 8 फीसदी की दर से विकास करना जारी रखेगा। वर्ष 1991 के आर्थिक संकट की याद दिलाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा तब हालत गंभीर थे लेकिन हमने कुशलता से पार पा लिया।
करेंगे सभी उपाय:
मनमोहन सिंह ने कहा कि इस बार भी वित्तीय, मौद्रिक, विनिमय दर और सरकारी निवेश जैसे हर तरह के कदम उठाकर हम वर्तमान संकट से जूझेंगे।
उन्होंने कहा कि हम भी उस संकट से प्रभावित तो होंगे जो हमने पैदा नहीं किया है। लेकिन हममें करीब 8 फीसदी की विकास दर बनाए रखने की कूवत है और हम ऐसा करके दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार वचनबद्ध है कि उद्योग जगत की रफ्तार बनी रहे।
सरकार को था अंदाजा
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को संकट का आभास हो गया था और इसलिए 2008-09 के बजट में इससे निपटने के प्रावधान भी किए गए थे।
जातिवाद, क्षेत्रवाद पर राजनीति करने वालों को फटकारा
मनमोहन सिंह ने कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में जाति, क्षेत्र और धर्म के नाम पर लोगों के बीच खाई बनाने के प्रयासों को रोकना होगा। भारत को चंद्रयान-1 में मिली सफलता और देश के परमाणु ताकत के रूप में उभरने का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल किया, ‘ ऐसी उपलब्धि दिलाने वाले अंतरिक्ष और परमाणु वैज्ञानिकों से क्या किसी ने उनकी जाति या क्षेत्र पूछा।’