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नई दिल्ली
सोनिया गांधी ने आगाह किया कि कहीं हम इस वित्तीय संकट के प्रति कुछ ज्यादा ही सतर्क नहीं हो जाएं। ज्यादा नियंत्रण लागू करने की जरूरत नहीं लेकिन हालात काबू के बाहर भी नहीं होने पाएं। उन्होंने कहा कि सावधानी बरतते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था उदारवाद की पटरी पर दौड़ती रहेगी।
सोनिया ने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मंदी पर काबू पा लिया गया है। देश को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा लेकिन इन हालात के बीच से ही नए अवसर भी पैदा होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने समाज के कमजोर वर्र्गो पर संकट में विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका जाहिर करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह सरकार उनके संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने संवेदनशील नियमन दायरे में उदारीकरण की पुरजोर वकालत की लेकिन कहा कि नियम कायदे कठोर नहीं होने चाहिए।
उद्योग जगत के साथ है सरकार
सोनिया ने कहा कि संकट से उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उनको मदद की जरूरत है और वो दी जा रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार को उद्योग के साथ करोड़ों गरीबों का हित भी सोचना है। उन्होंने सरकार और निजी क्षेत्र के और ज्यादा प्रभावी ढंग से मिलजुल कर काम करने पर जोर दिया।