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नई दिल्ली/हांगकांग/न्यूयॉर्क अगर आर्थिक संकट और गहराया तो आने वाले महीनों में कपड़ा उद्योग के पांच लाख लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ सकता है। देश की अन्य निर्यातोन्मुखी इकाईयों समेत कपड़ा उद्योग वह क्षेत्र है, जिसमें वैश्विक वित्त संकट का प्रभाव अभी और गहराने की आशंका है। वाणिज्य सचिव जीके पिल्लई ने यह बात शुक्रवार को यहां फिक्की द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही।
उन्होंने बताया कि कपड़ा मंत्रालय के एक अनुमान के मुताबिक अगले पांच महीनों में करीब पांच लाख लोगों को नौकरियां खत्म हो जाएंगी।
सिटीग्रुप कर सकता है छंटनी
अमेरिका का सबसे बड़ा कर्जप्रदाता सिटीग्रुप लागत घटाने के लिए भारत सहित एशिया की अपनी दूसरी इकाइयों में कर्मचारियों की छंटनी कर सकता है। हाल में जारी रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई है। इन खबरों के मुताबिक सिटीग्रुप की छंटनी की गाज निवेश बैंकिंग इकाई में काम करने वाले कर्मचारियों पर गिर सकती है, जहां शेयर बाजार की गिरावट में कामकाज ठप चल रहा है।
लेकिन, यहां अमेरिका में की गई छंटनी की तुलना में कम कर्मचारी निकाले जाने की संभावना है। गौरतलब है कि सिटीग्रुप में अपनी लागत 20 फीसदी कम करने के लिए 52,000 कर्मचारियों को हटा रहा है।
छंटनी वालों में जुड़े नए नाम
जेपीमॉर्गन चेज एंड कंपनी ने:
इसने निवेश बैंकिंग स्टॉफ से 10 फीसदी या करीब 3,000 कर्मचारियों को हटाने का फैसला किया है।
बैंक आफ न्यूयार्क मेलोन कॉर्प:
ने दुनियाभर में चार फीसदी या 1,800 कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला किया है।
लाम रिसर्च कॉर्प:
अपनी वर्कफोर्स में 15 फीसदी या 600 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने जा रही है। चिप मेकर कंपनी के मुताबिक उसने यह कदम बिक्री घटने और लागत बढ़ने के कारण उठाया है।