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नई दिल्ली सोमालिया के पास बढ़ते समुद्री डाकुओं की समस्या से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने भारत को बल प्रयोग की अनुमति दे दी है। यह जानकारी शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट) एन रवि ने दी। उधर, सोमालियाई समुद्री डाकुओं ने भी किसी बड़े हमले की आशंका से अपने चारों ओर कड़ी किलेबंदी कर ली है।
रवि ने बताया, ‘भारत दस्युओं से अंतरराष्ट्रीय समुद्र में मुठभेड़ कर रहा है। ऐसे में हमने संयुक्त राष्ट्र के मार्फत इनके खिलाफ संघर्ष करने की इच्छा जताई। यूएन ने इस सिलसिले में जरूरी पुष्टि संयुक्त राष्ट्र में सोमालिया के स्थायी प्रतिनिधि के मार्फत कर दी है।’ इस सिलसिले में सोमालिया की सरकार द्वारा संयुक्त राष्ट्र में जाकर यह कहने के बाद हरी झंडी मिली कि वह अपनी जल सीमा में दस्युओं के खिलाफ कार्रवाई का स्वागत करेगी। रूस व जापान समेत अदन की खाड़ी में हित रखने वाले देशों के साथ नौसेना उनकी नौसेनाओं का अनौपचारिक सहयोग लेने के लिए बातचीत कर रही है।
जल दस्युओं ने मजबूत की अपनी सुरक्षा व्यवस्था :
मोगादिशु/सिंगापुर : सोमालिया के जल दस्युओं ने सऊदी अरब के अपहृत सुपर टैंकर ‘साइरस स्टार’ को छोड़ने के बदले 2.5 करोड़ डॉलर की फिरौती मांगने के बाद उसके इर्द-गिर्द सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर ली है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, इस बीच सोमालिया के समुद्र में विदेशी नौसेनाएं अपने लड़ाकू पोत भेज रही हैं और जहाजरानी कंपनियां वैकल्पिक रास्ते चाह रहीं हैं। ऐसे में अतिरिक्त हथियारबंद जत्थे तथा अन्य लड़ाकुओं को लाकर हरार्ढेरे स्थित दस्युओं के अड्डे की सुरक्षा मजबूत की जा रही है। यह स्थान मोगादिशु से 300 किमी उत्तर में स्थित है।