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भोपालराज्य शिक्षा केंद्र ने पहली से आठवीं कक्षाओं में दर्ज विद्यार्थियों की संख्या के बराबर उत्तर पुस्तिकाएं तैयार की हैं। ये स्कूल स्तर पर प्रत्येक विद्यार्थी के लिए रिजर्व रखी गई हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को सभी विषय के प्रश्नों के उत्तर इसी पुस्तिका में लिखने हैं। ऐसे में विद्यार्थियों द्वारा दूसरे दिन उत्तर सुधारने की आशंका जताई जा रही है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने मिडिल स्तर तक हर माह परीक्षा की परंपरा शुरू की है, लेकिन सभी विषय के प्रश्न पत्र हल करने के लिए उत्तर पुस्तिका एक ही है। विद्यार्थी को हर माह प्रत्येक विषय की परीक्षा देनी है, जो चार से सात दिन तक लगातार चलेगी। इस तरह विद्यार्थी के हाथ में महीने में चार से सात बार वही उत्तर पुस्तिका आएगी, जिसमें उसने एक दिन पहले भी पर्चा हल किया है। शिक्षक इसी को लेकर आशंकित हैं।
ऐसी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ, तो कमजोर विद्यार्थी भी आसानी से उत्तीर्ण हो जाएंगे। इस मामले में शिक्षकों ने अधिकारियों से भी मार्गदर्शन मांगा है। जिला परियोजना समन्वयक हरिभवन सिंह तोमर इस संबंध में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थे।
रोज नहीं जांची जा सकेगी कॉपी : चूंकि किसी भी विषय की उत्तर पुस्तिका परीक्षा के तुरंत बाद जांच पाना संभव नहीं है। इसलिए ऐसी आशंका हो रही है। ज्यादातर स्कूलों में प्राइमरी कक्षा में दो ही शिक्षक पदस्थ हैं। मिडिल के स्टाफ को मिलाकर शिक्षकों की संख्या छह हो जाती है, वहीं प्रत्येक प्राइमरी स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या चार सौ से अधिक है। मिडिल को मिलाकर संख्या 800 होती है। इतनी पुस्तिकाएं शिक्षक उसी दिन नहीं जांच सकते हैं।
एक दिन में दो पेपर : पहली से आठवीं कक्षा की अर्धवार्षिक परीक्षा के लिए एक से आठ दिसंबर का टाइम टेबल तय किया गया है। टाइम टेबल तय करते हुए अधिकारियों ने स्थानीय अवकाश का ध्यान नहीं रखा है। तीन दिसंबर को गैस कांड की बरसी है। पिछले 24 साल से इस तारीख को भोपाल में स्थानीय अवकाश रहता है।
बावजूद इसके राज्य शिक्षा केंद्र तीन दिसंबर को छटवीं के विद्यार्थियों से गणित और सातवीं के विद्यार्थियों से विज्ञान का प्रश्न पत्र हल कराना चाहता है। इसके अलावा प्राइमरी कक्षाओं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी प्रश्न हल करना है। अधिकारियों को जब अपनी गलती का अहसास हुआ, तो उन्होंने स्कूलों को तीन दिसंबर को होने वाला पेपर आठ दिसंबर को कराने के मौखिक निर्देश दे दिए। इन निर्देशों ने शिक्षकों को और भी उलझा दिया है। दरअसल आठ दिसंबर को सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को अतिरिक्त विषय का प्रश्न पत्र हल करना है। इन निर्देशों के बाद विद्यार्थियों को एक दिन में दो विषय के प्रश्न पत्र हल करने होंगे।