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अमृतसर. सहजधारी और पतित सिखों को गुरुद्वारा चुनावों और प्रबंधकीय कार्यो से दूर रखने के लिए एसजीपीसी की ओर से एक प्रस्ताव पारित किए जाने की संभावना है। शिरोमणि कमेटी की आम सभा कल शनिवार को हरमंदर साहिब परिसर में स्थित तेजा सिंह समुन्द्री हाल में होने जा रही है, जहां प्रधान और अन्य पदाधिकारियों का चुनाव किया जाएगा।
इसी सभा में सिख की परिभाषा के बारे में प्रस्ताव लाये जाने की उम्मीद है। पंथक सूत्रों के अनुसार इस संबंध में पंजाब के एडवोकेट जनरल हरदेव सिंह मत्तेवाल और सिख रैफरेंस लायब्रेरी के डायरैक्टर प्रोफैसर अनुराग सिंह की तरफ से दो अलग-अलग मसौदे तैयार किए गए हैं, जिनमें सहजधारी, पतित और गुर सिख की परिभाषा दी गई है।
इस आशय का प्रस्ताव पारित होने की सूरत में सहजधारी और पतित सिख गुरुद्वारा चुनावों और प्रबंधकीय कार्याे में भाग नहीं ले सकेंगे। गौरतलब है कि पिछली बार 2004 में शिरोमणि कमेटी के सदस्य चुनने के लिए आम चुनावों में सहजधारियों को वोट का इस्तेमाल नहीं करने दिया गया था।
इस संबंध में सहजधारी सिख संस्था ने पंजाब और हाईकोर्ट में रिट दायर कर रखी है। ऐसी ही एक अन्य रिट शिरोमणि कमेटी द्वारा संचालित गुरु रामदास मैडीकल कालेज में एक पतित सिख को दाखिला न दिए जाने के फैसले के खिलाफ की गई थी, जिसका फैसला भी होना है।