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Manoranjan
Cinema
Bollywood Bollywood परदे के पीछे
टेलीविजन के मशहूर गेम शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के आधार पर विकास स्वरूप ने उपन्यास लिखा क्यूएंडए जिस पर आधारित फिल्म में अनिल कपूर ने अमिताभ बच्चन वाली एंकर की भूमिका निभाई है। फिल्म का नाम है ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ इसी लेखक की नई किताब का नाम है ‘सिक्स ससपेक्ट’ जिसमें जेसिका लाल की हत्या की सत्य घटना के आधार पर एक काल्पनिक उपन्यास लिखा गया।
एक भ्रष्ट मंत्री का बिगड़ैल पुत्र रात दो बजे शराब नहीं दिए जाने के कारण सेविका की हत्या कर देता है। अदालत से वह निर्दोष घोषित होकर अपने फार्म हाउस में जश्न मनाता है, जहां रात 12 बजे एक मिनट के लिए बिजली जाती है और कोई उसे गोली मार देता है। दावत में शामिल 100 लोगों में से पुलिस छह लोगों को हिरासत में लेती है जिन पर उन्हें शक है और इन सभी लोगों के पास बिगड़ैल साहबजादे को कत्ल करने का यथेष्ट कारण है।
सच्चाई यह है कि कत्ल हुए व्यक्ति ने अपने बहन के प्रेमी की पिटाई की थी अत: बहन ने ही अपने अत्यंत भ्रष्ट और पापी भाई का कत्ल कर दिया। उसके पिता ने भी कातिल भेजा था क्योंकि उनके राजनैतिक दल का दबाव था कि उनके पुत्र के कारण मतदाता नाराज हो रहे हैं। इस उपन्यास पर फिल्म की योजना है और एक कंपनी इस पर सीरियल बनाना चाहती है।
आजकल चेतन भगत और विकास जैसे लेखक इस उद्देश्य से ही उपन्यास लिखते हैं कि उस पर फिल्म बन जाए। इस तरह का मंतव्य रखने वाले उपन्यास लिखते समय फिल्मी मसालों को ध्यान में रखते हैं। विदेशों में यह व्यापारिक हथकंडा दशकों से आजमाया जा रहा है।
वहां तो पटकथा लिखे जाने के बाद लेखक से कहा जाता है कि वह उपन्यास लिखे, फिर बाजार की ताकतें उस उपन्यास को सफलतम बिक्री वाला उपन्यास सिद्ध करती हैं। इसके बाद घोषणा होती है कि उपन्यास के फिल्म अधिकार खरीदे जा चुके हैं।
विकास स्वरूप के उपन्यास से याद आता है अगाथा क्रिस्टी का उपन्यास ‘मिरर क्रेक्ड फ्रॉम साइड टू साइड’ जिसमें एक भव्य फिल्म की आउटडोर शूटिंग के अंतिम दिन दावत में नायिका के दो भूतपूर्व पति, मौजूदा पति और भावी प्रेमी मौजूद हैं और सभी के पास नायिका को मारने के लिए पर्याप्त कारण हैं। शराब के गिलास में जहर मिला है और नायिका अपनी पुरानी प्रशंसिका को गिलास देती है।
प्रशंसिका की मृत्यु हो जाती है और सभी मानते हैं कि यह प्रयास नायिका को मारने का था। वहां मौजूद जासूस मिस मारपल रहस्य की तह में पहुंचती है कि प्रशंसिका के अति प्रेम के कारण कुछ वर्ष पूर्व नायिका के हाथ से भव्य फिल्म निकल गई थी और उसने अपने भूतपूर्व प्रेमियों को फांसने के लिए ही षड्यंत्र रचा था। बहरहाल ‘सिक्स ससपेक्ट’ में भ्रष्ट व्यवस्था पर अच्छा खासा प्रहार है।