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इंदौर. मध्यप्रदेश में सीसीआई ने खरीदी अब घटाकर सप्ताह 4 दिन कर दी है अब सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को ही सीसीआई मंडियों में खरीदी करेगी। सीसीआई ने यह निर्णय मध्यप्रदेश में कपास की भरपूर आवक होने के साथ ही जिनिंग करवाने में काफी परेशानी होने के कारण लिया है।
प्रदेश में 1.65-1.75 लाख गांठ के आसपास खरीदी हो चुकी है वहीं देश में लगभग 12-13 लाख गांठ कपास की खरीदी कर चुकी है जबकि सीसीआई ने मात्र 50-60 हजार गांठ रूई ही बेच पाई हैं। चुनाव राज्यों में सीसीआई की खरीदी जोरों पर चल रही है लेकिन अब चुनाव की वजह से कुछ मंडियां बंद रहेगी। सीसीआई के मार्केटिंग डायरेक्टर सीएस तेवटिया का कहना है देश में एक करोड़ गठान तक कपास की खरीदी जा सकती है। बाहरी मांग का अभाव रहने से रूई में एकतरफा मंदी की स्थिति बनी हुई है। 28 व 29 एमएम के भाव 21000 रुपए के आसपास चल रहे हैं जबकि व्यापारी 500-700 रुपए कम में बेचने के बाद भी आशा के अनुरूप व्यापार नहीं हो रहा है।
इसका प्रमुख कारण मिलों की रूई खरीदी में दिलचस्पी नहीं के समान है। सूत का कामकाज भी अपेक्षित नहीं है। वर्तमान में निर्यात व्यापार नहीं है। विदेशी बाजारों में मंदी का वातावरण होने से भविष्य में तेजी की स्थिति नजर नहीं आ रही है। गुजरात में अभी तक सीसीआई द्वारा 30 प्रतिशत के करीब ही खरीदी की है। देश में रूई उत्पादनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में व्यापारियों को भी कपास खरीदी का मौका मिलेगा।
रूई के भाव में नरमी का माहौल रहने से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान की मंडियों में अगाऊ सौदे भी होने लगे हैं। इन मंडियों में दिसंबर डिलीवरी कामकाज 18500 से 18700 रुपए के भावों पर होने के समाचार हैं वहीं गुजरात वाले दिसंबर डिलीवरी के कामकाज 21000 रुपए के आसपास बता रहे हैं लेकिन अपेक्षित व्यापार नहीं है। 1 करोड़ गांठ कपास खरीदेगी सीसीआई
मध्यप्रदेश में कपास की भरपूर आवक होने और सीसीआई के पास रखने की व्यवस्था नहीं होने से कपास खरीदी सप्ताह में चार दिन कर दी है। प्रदेश में अभी तक 1.65 से 1.75 लाख और देश में 12-13 लाख गठानें कपास की खरीद हो चुकी है।
अधिकारियों का कहना है कि इस बार खरीदी 1 करोड़ गांठ तक पहुंच सकती है जबकि बिक्री अभी तक मात्र 50-60 हजार गठानों के करीब ही हुई है। चुनाव राज्यों में सीसीआई की खरीदी जोरों पर है जबकि गुजरात में खरीदी मात्र 30-35 फीसदी ही हुई है।