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जयपुर. एसओजी की ओर से शाहबाज के खिलाफ अब तक आठ मामलों में कोर्ट में चालान पेश करने के बाद शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने मामले को आगामी सुनवाई के लिए सेशन न्यायालय को भेज दिया।
अब इस मामले में सुनवाई सेशन न्यायालय में होगी। साथ ही कोर्ट ने शाहबाज की आगामी पेशी 5 दिसंबर तय करते हुए उसे इस तिथि तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के भी निर्देश दिए हैं। सीजेएम कोर्ट ने शाहबाज को कुछ राहत देते हुए उसे जेल से पत्र व्यवहार करने की और वहां पर बापर्दा नहीं रहने की भी अनुमति दे दी है। सीजेएम ओमी पुरोहित ने ये आदेश शाहबाज के प्रार्थना पत्र पर दिए।
6 मामलों में चालान पेश
एसओजी ने शाहबाज के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष 6 मामलों में चालान पेश कर दिया। ये चालान माणक चौक थाने में दर्ज दो एफआईआर, संख्या 132/08 एवं 133/08 में तथा कोतवाली थाने में दर्ज चार एफआईआर, संख्या 117/08 ,118/08 में 119/08 एवं 120/08 में पेश किया है। माणक चौक थाने में दर्ज दो एफआईआर के मामले में पेश किए चालान में कहा गया है कि पूछताछ में शाहबाज ने बताया है कि सुनियोजित योजना के तहत वह अपने अन्य साथियों के साथ बम विस्फोट करने के लिए जयपुर आया था। यहां आकर साइकिलें खरीदकर उन पर बम रखे हुए थैले लटकाए, उन्हें चिह्न्ति जगहों पर खड़ा किया और वापस चला गया।
चांदपोल हनुमान मंदिर एवं अन्य जगहों पर हुए बम धमाकों के बाद कोतवाली थाने में दर्ज चार एफआईआर के मामले में पेश किए चालानों में कहा गया है कि जयपुर बम धमाकों में गिरफ्तार लोग प्रतिबंधित सिमी के संगठन को अभी भी चला रहे हैं। इनकी बैठक अप्रैल 2007 में केसलटॉक, हुगली में हुई, जिसमें शाहबाज हुसैन को आतंकवादी गुट का सिरमौर घोषित किया गया।
इसके साथ ही 26 जुलाई, 2008 को अहमदाबाद में हुए बम धमाकों के बाद गिरफ्तार लोगों से भी पता चला कि सिमी पर 2001 में प्रतिबंध लगने के बाद भी सूरत निवासी, साजिद उर्फ सज्जाद उर्फ साद ने अन्य साथियों के साथ मिलकर सूरत व कोटा में गतिविधियां संचालित करने के लिए कोर ग्रुप का गठन किया। इस ग्रुप के सदस्यों ने बारां, बूंदी, सवाई माधोपुर, जयपुर, अजमेर एवं जोधपुर में लोगों को सिमी का सदस्य बनाया।
सिमी कार्यकर्ताओं का मामला भी सेशन न्यायालय को भेजा: सीजेएम कोर्ट ने सिमी के 13 कार्यकर्ताओें के खिलाफ चालान पेश होने के बाद इस मामले को भी सुनवाई के लिए सेशन न्यायालय को भेज दिया है। इस मामले की सुनवाई भी अब सेशन न्यायालय में होगी।