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कांग्रेस ने भाजपा को ‘बेचो जमीन पार्टी’ बताया

जयपुर. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.सी.पी.जोशी ने शुक्रवार को भाजपा सरकार के खिलाफ आरोप-पत्र जारी करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो इस आरोप-पत्र पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ‘भाजपा कुशासन के 5 वर्ष’ शीर्षक से जारी पुस्तक में भाजपा को ‘बेचो जमीन पार्टी’ बताया गया है। आरोप-पत्र में कहा गया है कि वसुंधरा राजे ने अपने शासनकाल में केवल वोटों की राजनीति करते हुए विभिन्न जातियों को एक-दूसरे से लड़ाया, सांप्रदायिक उन्माद के जरिए कटुता फैलाई, दुर्र्दात अपराधियों, भू एवं शराब माफियाओं व ललित मोदी जैसे लोगों से गठजोड़ कर सभी क्षेत्रों में अराजकता फैलाते हुए प्रदेश में जंगलराज स्थापित कर दिया।

आरोप-पत्र के मुख्य बिन्दु

>> मुख्यमंत्री की राजशाही प्रवृत्ति एवं बदमिजाजी।
>> भ्रष्टाचार : प्रमुख जमीन घोटाले, तबादला उद्योग, आमेर विकास एवं प्रबंधनन प्राधिकरण का गठन, केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में भ्रष्टाचार।
>> सत्ता के दलाल वसुंधरा के वरदहस्त से हो रहे मालामाल।
>> लचर कानून व्यवस्था। अपराधी बेफिक्र, पिट रही पुलिस। दलित, आदिवासियों व महिलाओं पर हुए अत्याचार।
>> सुंधरा सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन का सच। केंद्र ने ऐतिहासिक सहायता दी, फिर भी राज्य पर 83 हजार करोड़ रुपए का कर्जा। सरकार की फिजूलखर्ची। राज्य को विकसित व नंबर वन बनाने का दावा झूठा।
>> प्रदेश में बढ़ता जातीय संघर्ष : सरकार ने स्वार्थ के लिए जातीय विद्वेष बढ़ाया, भाई-भाई को आपस में लड़ाया।
>> किसान सबसे ज्यादा परेशान।
>> सर्वसुलभ हुई शराब।
>> बॉर्डर का सौदा। राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़।
>> दलित-आदिवासी सर्वाधिक उपेक्षा का शिकार।
>> सांप्रदायिकता को बढ़ावा।
>> अल्पसंख्यक सरकार की उपेक्षाकारी नीति के शिकार।
>> वसुंधरा राजे का कर्मचारी हितैषी होने का दावा उनके कार्यकाल का सबसे बड़ा छलावा।
>> मुख्यमंत्री, मंत्रियों एवं भाजपा नेताओं द्वारा उच्चधिकारियों का उत्पीड़न।
>> केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन में पिछड़ा प्रदेश।
>> प्रदेश में लचर पेयजल प्रबंधन। जलचेतना यात्रा का नाटक। दूषित पानी का कहर।
>> सरकार की उदासीनता से चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था।
>> सड़कों की गुणवत्ता से समझौता एवं घपले।
>> बिजली व्यवस्था बदहाल, लोग परेशान।
>> शिक्षा में पिछड़ता प्रदेश।
>> प्रदेश में उद्योग-धंधों की बदहाली। बाड़मेर रिफाइनरी में देरी।
>> शहीदों एवं महापुरुषों का अपमान।
>> मुख्यमंत्री महिलाओं के लिए अभिशाप बनी।
>> आमजन तो क्या, मंत्रियों व विधायकों का भी मुख्यमंत्री से मिलना मुश्किल।
>> आपदा प्रबंधन में विफलता। भूख व अकाल से हुई मौतों पर सरकार की चुप्पी।
>> न्यायालय का हस्तक्षेप व सरकार को फटकार।
>> कालाबाजारी एवं मंहगाई। पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस पर वैट की दरें नहीं घटाई।





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