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मुंबई. 29 सितंबर को हुए मालेगांव धमाकों की जांच कर रही मुंबई एटीएस धीरे-धीरे करके नए-नए खुलासे कर रही है।
मालेगांव धमाकों की साजिश को अंजाम देने के लिए एसएमएस की जरिए एक दूसरे को जानकारियां दी जाती थी, ऐसा कहना है एटीएस का। एसएमएस जो भेजे जाते थे उन सब के पीछे एक कोड वर्ड जय माता दी होता था, यह सभी मैसेज अभिनव भारत के सदस्यों को भेजा जाता था।
एटीएस ने आज दावा किया है कि तीन लैपटॉप उसके हाथ लगे हुए हैं, जो कि धमाकों में गिरफ्तार साध्वी प्रज्ञा सिंह, ले. कर्नल पुरोहित, और कानपुर से गिरफ्तार दयानंद पांडे का है।
एक जैसा ई-मेल आईडी : जांच के दौरान प्राप्त लैपटॉप में धमाकों से जुड़ी लगभग सभी जानकारियां प्राप्त हो गई हैं। एटीएस के अनुसार लैपटॉप में जो इमेल आई-डी मिली है, वह लगभग एक जैसी है लेकिन जो इमेल-आईडी से एक दूसरे को मैसेज भेजे गए हैं वे सभी मैसेज बॉक्स में मौजूद हैं। जिससे धमाकों से संबंधित अहम सुराग हाथ लग गए हैं।
लैपटॉप से रची गई साजिस : लैपटॉप के अनुसार मालेगांव धमाकों की साजिश जनवरी 2008 में फरीदाबाद में रची गई थी और ये सभी प्लान लैपटॉप के माध्यम से बनाए गए और एक-दूसरे को कोड वर्ड के जरिए सभी जानकारियां दी गई थी।
वीएचपी नेता से बात : कर्नल पुरोहित के लैपटॉप में एक वीएचपी नेता से 19 बार बात करने की भी पुष्टि हुई है। हांलाकि नाम का खुलासा करने से एटीएस ने इनकार कर दिया है।
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