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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. विधानसभा चुनाव की वजह से प्रदेशभर में शादी-ब्याह की शहनाइयों के सुरों की लय गड़बड़ा गई है। इस माह के अंतिम सप्ताह में विवाह मुहूर्त अधिक हैं, लेकिन चुनावी इंतजामात से वर-वधू पक्ष को मंडप के लिए जगह तलाशना मुश्किल हो रहा है। बारात के लिए बसें नहीं मिल पा रही हैं तो धर्मशालाओं में चुनावी टीमों का डेरा रहेगा। उन शासकीय कर्मचारियों की आफत बढ़ गई है, जिन्हें चुनावी आहूति देने के साथ शादी-ब्याह की तैयारियों की भी जिम्मेदारी है।
मतदान के दिन अमावस्या : 27 नवंबर मतदान के दिन अमावस्या होने की वजह से लग्न नहीं है, इसलिए इस दिन विवाह भी कम हैं।
शादी पर भारी चुनाव ड्यूटी : जिन परिवारों में २२ से २५ नवंबर के बीच शादियां हैं, उनकी ड्यूटी चुनाव में लगने से छुट्टियां न मिलने से भी कई शासकीय कर्मचारी परेशान हैं। मतदान की तिथि बदलने से भी कर्मचारियों की समस्या बढ़ी है। पहले मतदान के लिए २५ नवंबर की तिथि घोषित की गई थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर २७ नवंबर कर दिया गया। इससे जिन कर्मचारियों के परिवार में शादी का आयोजन २२ से २५ नवंबर को था, उन्हें छुट्टी मिल गई, लेकिन अब जिनके यहां २४ से २६ नवंबर के बीच शादियां हैं, उनकी छुट्टी की अर्जी मंजूर नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि चुनाव के दौरान कर्मचारियों को छुट्टी नहीं मिल रही है, साथ ही संसाधन जुटाने में भी परेशानियां आ रही थीं।
बेटे के विवाह के लिए निकाला रास्ता : मुरैना के शासकीय स्कूल के शिक्षक अजय मिश्र के बेटे का विवाह यूं तो 29 नवंबर का है, लेकिन उसका मुख्य कार्यक्रम लगुन 23 तारीख का ही है। शिक्षक ने इसके लिए विवाह कार्यक्रम में संशोधन कर चुनाव के साथ विवाह कार्यक्रम दोनों की जिम्मेदारी संभाल ली है।
पांच दूल्हों की भी लगी थी ड्यूटी : तीन सौ से अधिक शासकीय सेवकों ने चुनाव ड्यूटी करने में इसलिए असमर्थता व्यक्त कर दी कि उनके परिवार में पुत्र या पुत्री की शादी है। इनमें से पांच शासकीय सेवक तो ऐसे हैं जो कि स्वयं की शादी के कारण चुनाव ड्यूटी नहीं कर सकते थे। अपर कलेक्टर वेद प्रकाश के अनुसार चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी होने के बाद उनके दफ्तर में शादी के कार्ड आवेदनों का ढेर लग गया।
ये सभी आवेदन उन शासकीय सेवकों के थे जो 23 से 29 नवंबर के बीच पुत्र या पुत्री का विवाह होने के कारण चुनाव ड्यूटी करने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी आवेदकों की ड्यूटी निरस्त कर दी गई है। उन्होंने कहा कि परिवार में अन्य किसी की शादी होने संबंधी आवेदकों को राहत नहीं दी गई है।