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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बलौदा. बिरगहनी में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट से एक युवक की आज मौत हो गई। मामले में बलौदा पुलिस की भूमिका पर मृतक के परिजनों ने सवाल उठाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरूवार को बिरगहनी में रात आठ बजे गांव के ही ३८ वर्षीय सत्यनारायण उर्फ सत्या का किसी के साथ विवाद हो रहा था। उसी वक्त सत्या के घर के सामने वाले घर में रहने वाला ६२ वर्षीय सुधाराम व उसका 32 वर्षीय पुत्र अजय हल्ला सुनकर बाहर निकले।
अब अजय और सत्या के बीच सड़क पर बने गतिरोधक को लेकर विवाद शुरू हो गया। अजय ने अपने घर के सामने सड़क पर बने गतिरोधक को तोड़ देने की बात कही। चूंकि उस अवरोधक को सत्या ने बनावाया था इसलिए अजय की बात सुनकर वह भड़क गया। विवाद बढ़ा और मारपीट शुरू हो गई। इतने में ही घर के अंदर से अजय का छोटा भाई संजय व उनके चाचा का लड़का लखेश्वर भी बाहर आए। तब तक सत्या के भी परिवार से मोहित, लव कुमार, नरेश, मोहन व कुश कुमार आ गए और एक-दुसरे को पिटने लगे।
मारपीट में सुधाराम , लखेश्वर , संजय , अजय को सिर व अन्य हिस्सों में चोटें आई और वे गिर पड़े । इसके बाद सत्या एवं अन्य लोग भाग निकले। इधर गांव के लोगों ने घायलों को बलौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया तथा घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। इसके पहले सत्या द्वारा भी रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा १४७, २९३, ५क्६, ३२३ दर्ज किया। इधर अस्पताल में मौजूद डा. यूके मरकाम द्वारा घायलों को मरहम पट्टी किया गया , वहीं अजय को गंभीर रूप से घायल होने के कारण जांजगीर रिफर किया गया। जांजगीर में उसे एक्सरे कराने रिफर किया गया क्योंकि बलौदा में स्टाफ के कर्मचारी उस वक्त मौजूद नहीं थे।
रात में रिफर नहीं किया गया
मृतक अजय के परिजनों ने बताया कि जब अजय को डाक्टर मरकाम ने जांजगीर रिफर के लिए लिखा तो वे डाक्टरी रिपोर्ट के साथ बलौदा थाने पहुंचे। थाने में मौजूद सहायक उप निरीक्षक व्हीके अवस्थी एवं आरक्षक कार्तिकराम साहू से रिपोर्ट का कागज दिखाकर घायल को जांजगीर ले जाने की बात बताई तथा साथ में थाने से सिपाही को भेजने की बात कही।
परिजनों व ग्रामवासियों के अनुसार इतने में ही सहायक उप निरीक्षक भड़क गए एवं घायल को सुबह जांजगीर ले जाएंगे कहकर उसे घर ले जाने की बात कही गई। ग्रामीणों के अनुसार बार बार मिन्नतें करने के बाद भी पुलिस वालों के नहीं पिघलने पर ग्रामीण मजबूर होकर वे वापस बिरगहनी चल दिए। सुबह परिजन पुन: घायल को जीप में लेकर बलौदा थाने पहुंचे ,जहां अजय की हालत बिगड़ने लगी। उसकी हालत को देखते हुए तुरंत बलौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
अजय के मौत की खबर फैलते ही बिरगहनी के ग्रामीण बलौदा अस्पताल पहुंच गए। अजय के परिजनों व गांव के लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर लाश को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। ग्रामीण पंचनामा में दस्तखत करने को तैयार ही नहीं थे। ग्रामीणों की मांग थी कि डाक्टर द्वारा दी गई एमएलसी रिपोर्ट की एक कापी जो पुलिस के पास है उन्हें दी जाए तथा सहायक उप निरीक्षक अवस्थी व आरक्षक कार्तिकराम साहू पर कार्रवाई की जाए। सूचना पर पहुंचे जांजगीर डीएसपी जीएल भारती ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की पर ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
आखिरकार डीएसपी ने आरक्षक कार्तिकराम साहू को तत्काल लाईन अटैच किया तथा मामले की जांच कर रहे सहायक उप निरीक्षक व्हीके अवस्थी को जांच से अलग कर सहायक निरीक्षक जीएल जायसवाल को जांच के लिए नियुक्त किया। एमएलसी रिपोर्ट की कापी अंत तक ग्रामीणों को नहीं दी गई निष्पक्ष जांच का आश्वासन तथा फरार सभी आरोपियो पर धारा ३क्२ के तहत शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया। जिस पर ग्रामीण शांत हो गए और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया गया।
एमएलसी रिपोर्ट के अनुसार घायल अजय के लिए डाक्टर ने सिर्फ एक्सरे कराने को लिखा है। रिपोर्ट में गंभीर चोट नहीं लिखा गया था या कोई इमरजेंसी वाली बात नहीं थी। फिर भी लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-जीएल भारती, डीएसपी जांजगीर