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दौड़धूप से मुक्ति, पर मन को नहीं चैन

बिलासपुर. चुनाव खत्म होने के बाद प्रत्याशियों को दिन-रात की भागदौड़ से मुक्ति मिल गई है। अधिकतर प्रत्याशी प्रचार की थकान उतारने में लगे हैं। कुछ लोग पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने, तो कुछ मंदिरों में मत्था टेकने की प्लानिंग कर रहे हैं। हालांकि कार्यकर्ताओं से मिलने का दौर अभी भी चल रहा है।

बिलासपुर के भाजपा प्रत्याशी अमर अग्रवाल ने आज पूरा दिन अपने घर में बिताया। आवश्यक कार्यो को निपटाने के साथ ही उन्होंने आराम किया और शाम को भी घर पर ही लोगों से मिलते-जुलते रहे। उनका कहना है कि उन्होंने पांच साल काम किया, जनता को जो करना था वह भी हो गया, अब किसी बात की चिंता नहीं है। काउंटिंग के पहले परिवार में कुछ शादियां हैं, उनमें शामिल होंगे। बीच में रायपुर भी जाएंगे। परिणामों को लेकर उत्सुकता है, आठ को सब कुछ पता चल जाएगा।

उन्हें अपने कार्यो के आधार पर जीतने का पूरा भरोसा है। शहर के कांग्रेस प्रत्याशी अनिल टाह का कहना था कि वे पार्टी के एक कार्यकर्ता हैं। कार्यकर्ता की हैसियत से ही चुनाव लड़ा था। मतदान होने के बाद भी उनकी दिनचर्या एक कार्यकर्ता जैसी रहेगी। वे पार्टी की गतिविधियों में शामिल होंगे। लोगों से रोज मिलने-जुलने का उनका क्रम भी जारी रहेगा।

वे मानते हैं कि चुनाव प्रचार के दौरान लोगों का जो प्यार मिला है, उससे ज्यादा अब और कुछ नहीं चाहिए। अगर उनकी जीत होती है, तो यह कार्यकर्ताओं और जनता की जीत होगी। लोरमी विधायक व कांग्रेस प्रत्याशी धर्मजीत सिंह के रुटीन में यही फर्क आया कि प्रचार की भागदौड़ से मुक्ति मिल गई, लेकिन वे आज भी कार्यकर्ताओं से मिलने-जुलने में व्यस्त रहे। उन्होंने बताया कि लोग मिलने आ रहे हैं और अपनी-अपनी राय बता रहे हैं।

दौड़धूप के बाद राहत तो मिली है, लेकिन चुनाव परिणामों का भी बेसब्री से इंतजार है। जनता ने उन पर दो बार भरोसा किया है, पूरी उम्मीद है उन्हें इस बार फिर सेवा करने का मौका मिलेगा। कोटा से बीजेपी के प्रत्याशी पूर्व मंत्री मूलचंद खंडेलवाल आज कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए। फुरसत मिलने पर उन्होंने थकान मिटाई। मस्तूरी विधायक व भाजपा प्रत्याशी कृष्णमूर्ति बांधी फुरसत महसूस कर रहे हैं, लेकिन विचार-मंथन का दौर भी जारी है।

वे अब कार्यकर्ताओं के साथ यह देख रहे हैं कि कहां पर, क्या चूक हुई। उनका कहीं बाहर जाने का इरादा नहीं है, बल्कि यहीं रहकर आठ दिसंबर का इंतजार करेंगे। बिल्हा के भाजपा प्रत्याशी धरमलाल कौशिक का कहना है कि एक दौर खत्म हुआ है। अब काउंटिंग के लिए तैयारी की जा रही है। जब तक परिणाम नहीं आता मन में बेचैनी तो रहेगी, लेकिन जीतने की पूरी उम्मीद है। वे बीच में कहीं घूमने-फिरने भी जाना चाहते हैं ताकि इंतजार के दिन कुछ कम हो जाएं।

मस्तूरी क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी मदनसिंह डहरिया का कहना है कि आराम कहां, मन में धुकधुकी मची है। कहीं जाने का मन भी नहीं है, यहीं रहकर इंतजार करना है। उन्होंने लगे हाथ यह भी पूछ लिया कि क्या स्थिति लग रही है। बेलतरा से कांग्रेस प्रत्याशी भुवनेश्वर यादव की थकान दूर नहीं हुई है। वे बताते हैं कि ग्रामीण इलाका होने के कारण एक दिन में कई बार 25 किलोमीटर तक पैदल चलकर लोगों से घर-घर संपर्क करना पड़ा है। अभी तो कुछ दिन आराम करेंगे। इसके बाद किसी धार्मिक स्थल पर जाकर मत्था टेकने का इरादा है। वैसे भी जो होना था हो चुका, बाकी ईश्वर की मर्जी।





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