|
बेंगलुरू. सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की चतुर चालों से परेशान नजर आ रहे इंगलैंड को लगातार चौथे वनडे क्रिकेट मैच में भी मात देकर टीम इंडिया यहीं पर सात मैचों की सीरीज पर कब्जा जमाने के फौलादी इरादे से उतरेगी।
एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम में रविवार को दोपहर 2.30 बजे से आयोजित तथा फ्लड लाइट में होने वाले इस अहम मुकाबले में जीत के लिए भारत पूरा जोर लगाएगा क्योंकि इससे वह सीरीज में ४-क् की अजेय बढ़त हासिल करने में सफल हो जाएगा। इसके अलावा सीरीज में अंग्रेजों को क्लीन स्विप करने की उसकी मंशा पूरी होने के अवसर भी बढ़ जाएंगे।
भारत लगातार तीन मैच जीतकर आत्मविश्वास से लबरेज है लेकिन उसे इंगलैंड को हल्के में लेने से बचना होगा। वैसे धोनी को अच्छी तरह पता है कि विपक्षी टीम पर एक बार बढ़त बना लेने के बाद उसे पलटवार करने का कोई भी मौका नहीं देना चाहिए।धोनी के धुरंधरों ने राजकोट और इंदौर में खेले गए पहले दो वनडे तो बेहद आसानी से जीते थे लेकिन कानपुर मैच में उन्हें इंगलैंड से अच्छी टक्कर मिली थी। अब उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि पिछले मैच में बेहतर प्रदर्शन से मिले विश्वास को केविन पीटरसन की टीम विजयी प्रदर्शन में न तब्दील कर पाए।
अगर टीम प्रदर्शन के हिसाब से देखा जाए तो भारत इंगलैंड से कोसों आगे खड़ा नजर आ रहा है। उसके बल्लेबाज जहां मैदान में रनों का अंबार लगा रहे हैं वहीं गेंदबाज विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा हमेशा कमतर आंके जाने वाले भारतीय क्षेत्ररक्षण में भी जमकर चुनौती पेश कर रहे हैं। लेकिन यहीं पर धोनी के लिए एक बड़ी दुविधा भी पैदा होती दिख रही है। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर के टीम में लौटने में बाद एकादश में उनकी मौजूदगी को लेकर तो कोई शक ही नहीं है लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन की ¨चता उनके लिए सही जगह के चुनाव को लेकर है।
सचिन ने ओपनर के रूप में भारत को अनगिनत सफलताएं दिलाई हैं लेकिन गत आठ महीनों में वनडे से उनकी गैर मौजूदगी के दौरान वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की ओप¨नग जोड़ी को मिली कामयाबी के कारण धोनी इस जोड़ी को भी नहीं तोड़ना चाहेंगे। उस स्थिति में सचिन के लिए युवा रोहित शर्मा को जगह खाली करनी पड़ेगी। रोहित इस सीरीज में अब तक कुछ खास नहीं कर पाए हैं।इसके अलावा भारतीय टीम में कोई और बदलाव होने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। हालांकि इरफान पठान को आरपी ¨सह की जगह टीम में जगह मिली है लेकिन उनका अंतिम एकादश में शामिल हो पाना मुश्किल ही लग रहा है।
भारत सीरीज के लिहाज से बेहद अहम इस मुकाबले में बेहतरीन फॉर्म में चल रहे युवराज ¨सह, गंभीर और सहवाग से एक और बढ़िया पारी की उम्मीद रखेगा। वनडे क्रिकेट के बादशाह सचिन भी वापसी मैच में कुछ खास करिश्मा दिखाने को बेकरार होंगे और धोनी तो अंतिम ओवरों में आकर गेंदबाजी को तहस नहस करने में माहिर हो चुके हैं।
तिकड़ी का प्रदर्शन सराहनीय : भारत की गेंदबाजी विभाग में भी जहीर खान, मुनाफ पटेल और इशांत शर्मा की तिकड़ी अच्छा कर रही है। खास तौर पर हरभजन ¨सह की अगुवाई में स्पिन गेंदबाजों ने अंग्रेज बल्लेबाजों का जीना भी मुश्किल कर रखा है।
कोई नहीं हो रहा है ‘क्लिक’ : दूसरी तरफ इंगलैंड के लिए सीरीज में कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा है। न उसके बल्लेबाज चल पा रहे हैं और न ही उसकी गेंदबाजी ही क्लिक कर पा रही है। हालत यह है कि अंग्रेज खिलाड़ी एक टीम के तौर पर प्रदर्शन कर पाने में बुरी तरह नाकाम रहे हैं।
उत्साह का संचार आवश्यक : दूसरी ओर इंग्लैंड के कप्तान पीटरसन की सबसे बड़ी ¨चता अपनी टीम के भीतर उत्साह का संचार करने की होगी। लगातार तीन शिकस्त किसी भी टीम का मनोबल तोड़ने के लिए काफी है लेकिन ऐसे ही मुश्किल दौर में किसी टीम के चरित्र की असली परीक्षा भी होती है।अगर इंग्लैंड ने जोश और जज्बा दिखाया तो रविवार को यहां पर जोरदार मुकाबला देखने को मिल सकता है।