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चुनावी बुखार, नेता बीमार

भोपाल. कुर्सी की चाहत में उनका दिन का चैन और रात का सुकून छिन चुका है। न सोने का समय तय है और न खाने का। गले से आवाज नहीं निकल रही है, फिर भी बोलना पड़ रहा है। हाथ-पैर दर्द कर रहे हैं, फिर भी दिन भर दौड़धूप करना है।

जी हां, इन दिनों यह हालत चुनाव जीतने के लिए मैदान में उतरे उम्मीदवारों और नेताओं की है। दिनभर में 10 से 12 घंटे तक वोट मांगने के लिए झोली फैलाकर घूमने, माइक पर घंटों भाषण देने, बेसमय खाने और पर्याप्त नींद नहीं लेने के कारण कई नेताओं की तबीयत बिगड़ रही है। जनसंपर्क के दौरान कभी चाय तो कभी ठंडा, कभी मिठाई तो कभी नमकीन खाना पड़ रहा है। यदि नहीं खाएं तो मतदाताओं के नाराज होने का डर। लिहाजा, जहां मिला जैसा मिला, खा लिया। यही कारण है कि इन दिनों कई नेता बुखार की चपेट में हैं तो कईयों को रात में नींद नहीं आ रही है। किसी का पेट खराब चल रहा है तो किसी का गला खराब है।

भोपाल दक्षिण-पश्चिम सीट से भाजपा उम्मीदवार उमाशंकर गुप्ता का गला इतना खराब हो गया है कि लाउड स्पीकर पर भाषण देते ही उन्हें खांसी आने लगती है। इसी सीट से बसपा के उम्मीदवार संजीव सक्सेना वायरल फीवर की चपेट में आने के बावजूद दिनभर जनसंपर्क और सभाएं कर रहे हैं। नरेला सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी सुनील सूद को नींद पूरी न होने के कारण जुकाम हो गया तो अन्य कई उम्मीदवार थकान से चूर होने के बावजूद मतदाताओं के द्वार पर दस्तक दे रहे हैं।

अब बात उनकी, जो अपनी पार्टी या समर्थकों के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने के लिए रोजाना 15-15 सभाओं को संबोधित कर रहे हैं। उनका गला खराब हो चला है, जिसे ठीक करने के लिए नमक मिले गरम पानी से गरारे करने के साथ ही वे काढ़ा पी रहे हैं। उनके पारिवारिक सूत्रों के अनुसार श्री सिंह इस दौरान सादा भोजन कर रहे हैं। उधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी रोजाना सिर्फ पांच घंटे आराम कर रहे हैं। उनके करीबियों के अनुसार वे सुबह दूध-दलिया और दोपहर तथा रात में दो-दो रोटी खा रहे हैं। गला खराब होने के कारण वे गरम पानी से गरारे करने के साथ ही मुलेठी भी चूस रहे हैं।

जरूरी है सावधानी
‘स्वस्थ रहने के लिए कम से कम 6 घंटे सोना जरूरी है। यदि लगातार एक बार में इतना समय नहीं मिल रहा है तो दिन में दो या तीन बार समय निकालना चाहिए। नींद पूरी न होने पर थकान बढ़ जाती है। इसी तरह दौरे के समय हल्का और साफ भोजन लेना चाहिए। ज्यादा समय तक बाहर का खाने से डायरिया हो सकता है।’
-डा. एनपी मिश्रा, फिजिशियन

‘लगातार तेज आवाज में बोलने, लाउड स्पीकर के उपयोग आदि से गले की नाजुक मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है। धूल में रहने से भी गले में खराश जमा हो जाती है और इंफेक्शन का खतरा भी रहता है।’
-डा. आरके सक्सेना, ईएनटी विशेषज्ञ





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