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अंक बनाए जीवन-साथी

अंक-शास्त्र. marriage विवाह के पूर्व लड़का-लड़की दोनों को अपने जीवन-साथी के बारे में जानने की जिज्ञासा होती है। अंकशास्त्र के द्वारा आप अपने जीवन-साथी के बारे में जान सकते हैं। यदि जन्मतिथि के दिनांक, माह, वर्ष व शताब्दी के सभी अंक आपस में जोड़ दें तो प्राप्त योगफल भाग्यांक कहलाता है। केवल जन्मतिथि के अंकों का योगफल मूलांक कहलाता है।

उदाहरण के लिए मान लीजिए किसी जातक का जन्म 10 फरवरी, 1986 को हुआ है तो उसका मूलांक होगा 10+2+1986 = 1998 >> 1+9+9+8 = 27 = 2+7 = 9 । इस प्रकार आप अपना मूलांक व भाग्यांक निकालकर अपने जीवनसाथी के मूलांक या भाग्यांक से तुलना करके जान सकते हैं कि उनमें नैसर्गिक मैत्री है या नहीं। आइए विभिन्न मूलांकों वाले पुरुष जातकों का व्यावहारिक अध्ययन करें..

मूलांक 1 - ऐसे पुरुष चाहते हैं कि परिवार में सब इनकी बात मानें। ये गंभीर, दयालु व महत्वाकांक्षी होते हैं। इनकी आंतरिक इच्छा रहती है कि इनकी पत्नी का समाज में सम्मान हो। इन्हें परिवार व घर से अधिक लगाव रहता है।

मूलांक 2 - ऐसे पुरुष चाहते हैं कि इनकी पत्नी इनके अंतर्मन को समझे व इनके बिना कुछ कहे ही सब कार्य कर दे। स्वभावत: ये शांत प्रकृति के होते हैं। यह समझदार व संस्कारवान पत्नी चाहते हैं।

मूलांक 3 - ऐसे पुरुष जातक अपने से ऊंचे खानदान की कन्या से विवाह करते हैं। पत्नी का पूरा ध्यान रखना वे अपना कत्र्तव्य समझते हैं। आत्मकेंद्रित व आध्यात्मिक होते हैं।

मूलांक 4 - ऐसे पुरुष जातक सतत लोगों की कमियां निकालते रहते हैं। स्वभाव से दयालु, यदा-कदा विद्रोह का भाव रखने वाले होते हैं, जिसके कारण परिवार में अशांति बनी रहती है। ये अपने अनुसार परिवार को चलाना चाहते हैं।

मूलांक 5 - ऐसे पुरुष जातक अपनी पत्नी का बन-संवरकर रहना पसंद करते हैं। पत्नी से विशेष प्यार करने वाले, स्वभावत: हठधर्मी, किंतु व्यवहार-कुशल व सोच-समझकर खर्च करने वाले होते हैं। इन्हें अपने बच्चों से विशेष लगाव रहता है।

मूलांक 6 - ऐसे पुरुष ऐसी पत्नी चाहते हैं, जिस पर गर्व कर सकें। परिवार का पूरा ध्यान रखते हैं। ईमानदार, मधुर स्वभाव के होते हैं। अपने विचारों के अनुकूल पत्नी चाहते हैं।

मूलांक 7 - ऐसे पुरुष पत्नी की भावनाओं को नहीं समझते और हर बात को आलोचनात्मक तरीके से देखते हैं। स्वभावत: दार्शनिक, भावुक व पराविज्ञानी होते हैं।

मूलांक 8 - ऐसे जातक अधिकतर विवाह नहीं करना चाहते। ये विश्वसनीय, न्यायप्रिय और एकांतप्रिय होते हैं। यदि विवाह हो तो पुराने विचारों वाली पत्नी पसंद करते हैं।

मूलांक 9 - ऐसे जातक को एक अच्छे घर की लालसा रहती है। अपने परिवार व पत्नी-बच्चों पर इन्हें गर्व होता है। ये स्वभाव से साहसी, स्वाभिमानी व आत्मविश्वासी होते हैं। अपना व परिवार का वर्चस्व हमेशा पसंद करते हैं।

स्त्री जातकों के मूलांकों का अध्ययन

मूलांक 1 - ऐसी स्त्रियां पति की अच्छी साथी व पति के व्यवसाय में रुचि रखने वाली होती हंै। स्वभावत: विदुषी, व्यावहारिक, सबको साथ लेकर चलने वाली होती हंै। वे पुरुष जातक, जो ऐसी पत्नी चाहते हों, जो उनके कार्यो में रुचि ले और साथ निभाए, उन्हें मूलांक 1 वाली कन्या से विवाह करना चाहिए।

मूलांक 2 - ऐसी स्त्री कल्पनाशील, नवीन विचारों का प्रादुर्भाव करने वाली, दयालु, मृदुभाषी और स्वभाव से आकर्षक व्यक्तित्व वाली होती हैं। ऐसी स्त्रियों के घर में सुख-साधनों की कमी नहीं रहती। पति से पूर्णत: संतुष्ट रहती हैं।

मूलांक 3 - ऐसी स्त्रियां दूसरों के प्रति कभी नकारात्मक रुख नहीं रखतीं, जिसका परिवार पर अच्छा प्रभाव होता है। वे पति पर पूर्ण अधिकार रखती हैं तथा पति की उन्नति में भी सहायक होती हैं। मूलांक 4 - ऐसी स्त्री जातक का वैवाहिक जीवन साधारण रहता है। वे घर से बाहर खुश रहती हैं, किंतु उच्च शिक्षित, अपनी बात मनवाने वाली, खुद को सजाकर रखने वाली तथा अधिक भावुक होती हैं। इनकी महत्वाकांक्षाएं उच्चकोटि की होती हैं।

मूलांक 5 - ऐसी स्त्री जातक विकास कार्यो में रुचि रखने वाली, परिवार की प्रगति में सहायक, व्यवहार कुशल, कोमल वाणी व परिपक्व मस्तिष्क वाली और व्यापारिक कार्यो में निपुणता प्राप्त करने वाली होती हैं।

मूलांक 6 - ऐसी स्त्रियों में अच्छी पत्नी, अच्छी माता के सभी गुण होते हैं। वे रूपवती व दयालु होती हैं। घर-गृहस्थी को सुचारू रूप से चलाने की क्षमता रखती हैं व आपका सौंदर्य-बोध सर्वाधिक जागृत होता है।

मूलांक 7 - ऐसी स्त्रियां अकेले रहना ज्यादा पसंद करती हैं। पति हर समय इनका ध्यान रखे, ऐसी चाहत हमेशा बनी रहती है। पर्याप्त शिक्षित होने के बावजूद इनकी आर्थिक स्थिति संघर्षमय रहती है। स्वतंत्र विचारों तथा विशाल व्यक्तित्व से आपका जीवन-यापन होता है। इनमें प्रज्ञा तथा स्वयं प्रकाश्य ज्ञान प्रबल होता है।

मूलांक 8 - ऐसी स्त्रियां स्वाभाविक रूप से गंभीर, प्रमाणों के आधार पर ठोस और दमदार बात रखने वाली, अति महत्वाकांक्षी, व्यावहारिक, अतिथि सत्कार करने वाली, धर्म-कर्म व पूजा-पाठ में विशेष रुचि रखने वाली होती हैं। बौद्धिक शक्ति की धनी होती हैं और पारिवारिक कार्यो में अच्छी सलाहकार होती हैं।

मूलांक 9 - ऐसी स्त्रियां अपनी धुन की पक्की, स्वयं को सबसे श्रेष्ठ समझने वाली और किंचित अहंकारी भी होती हैं। अनुशासनप्रिय होते हुए भी ये बिल्कुल मक्खन-सी कोमलता रखती हैं। पति के कार्यो में ये पूरे मनोयोग से सहायता करती हैं। प्राय: उन्मुक्त और मनमौजी स्वभाव की होती हैं।

उपरोक्त समस्त धारणाएं इस विश्वास पर केंद्रित हैं कि हर अंक का अपना एक वाइब्रेशन (ऊर्जा) होता है। सबका अपना एक मूल स्वभाव होता है, जो हमें मूलांक व भाग्यांक के आधार पर भी अनुकूल जीवन-साथी चुनकर दांपत्य जीवन में अधिक स्थिरता और सुख-सौहाद्र्र प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।





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