Breaking News 
bhaskar Web English


HomeHealth Health

अब उम्र छुपाना नहीं होगा आसान

ageअब कोशिकाओं के सैम्पल परीक्षण से किसी भी व्यक्ति की सटीक बायोलॉजिकल उम्र का पता लगाया जा सकेगा। आनुवंशिक लक्षणों पर रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों का मानना है कि वे डीएनए में मौजूद बायोमेकर्स से उम्र का सटीक अंदाजा लगा सकते हैं।

अब वैज्ञानिक इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि 70 साल में जो बूढ़े होते हैं उनकी मेटाबोलिक क्रिया कैसे काम करती है। अगर यह पता चल गया तो बुढ़ापे को नियंत्रित किया जा सकेगा। वैज्ञानिक उम्मीद जता रहे हैं कि उम्र से पहले बूढ़े होने का रहस्य पता चल सकेगा और इससे उम्र ढलने को नियंत्रित किया जा सकेगा। शोधकर्ताओं ने मानव प्रजाति की तरह व्यवहार करने वाले एक कीड़े के डीएनए पर यह प्रयोग किया।

कीड़े पर किया प्रयोग
शोधकर्ताओं ने एक छोटे कीड़े पर प्रयोग कर उम्र ढलने के लिए जिम्मेदार जीन्स बायोमेकर्स को अलग किया। यह शोध 104 कीड़ों पर की गई जिनकी उम्र 3 सप्ताह होती है। इन कीड़ों में भी मनुष्यों की तरह समय से पहले दूसरे कीड़ों की तुलना में वृद्ध होना पाया गया। शोधकर्ताओं ने उस जीन्स को पृथक किया जो उम्र अधिक या कम दिखने के लिए जिम्मेदार होता है। इसे उन्होंने बायोमेकर्स नाम दिया। अब वे यही शोध पहले चूहे पर फिर मनुष्यों पर करने की तैयारी कर रहे हैं।

पहले की सभी शोध से बेहतर
कैलिफोर्निया के बक इंस्टिट्यूट फॉर एज रिसर्च के वरिष्ठ शोधकर्ता साइमन मेलोव ने बताया कि ये पहले सबूत हैं जिनके आधार पर हम कह सकते हैं कि जिससे शारीरिक उम्र का पता लगाया जा सकता है। हालांकि हमारे परिणाम पूरी तरह से सही तो नहीं थे लेकिन यह अब तक की सारी खोज से बेहतर है। उन्होंने बताया कि मनुष्य की उम्र की तेजी उनके आनुवांशिकी, जीवनशैली और उनके दिमागी स्वास्थ्य पर निर्भर होती है। अब हम समय से पहले उम्र ढलने को रोकने का प्रयास कर रहे हैं।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: