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मुंडे बैठे रहे, और कोई नहीं बैठा

बीकानेर. भाजपा के प्रदेशप्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री गोपीनाथ मुंडे शनिवार को बागियों को बिठाने के लिए बीकानेर पहुंचे मगर उन्हें सफलता नहीं मिली। बीकानेर की तीन सीटों पर भाजपा नेता-पदाधिकारी बागी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं और इनमें से एक भी मुंडे से नहीं मिला।

खाजूवाला से निर्दलीय संसदीय सचिव गोविंद मेघवाल को पहले ही पार्टी से निष्कासन किया जा चुका है वहीं बीकानेर पूर्व से देवीसिंह भाटी के समर्थक निर्दलीय विश्वजीतसिंह हरासर को मनाने के लिए मुंडे के प्रतिनिधि के तौर पर कुछ नेता पहुंचे मगर वे चुनाव लड़ने के निर्णय पर डटे रहे। बकौल विश्वजीत, उन्होंने मुंडे से फोन पर बात करने से भी इनकार कर दिया। समझौते में इनेलो को दी गई सीट श्रीडूंगरगढ़ से बागी बन मैदान में उतरे भाजपा के देहात अध्यक्ष किसनाराम नाई ने भी रिटायर होने की घोषणा नहीं की है। मुंडे ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।

टिकट वितरण से असंतोष जता चुके कैबिनेट मंत्री देवीसिंह भाटी की जहां बीकानेर में मुंडे से मुलाकात नहीं हुई वहीं बीकानेर पश्चिम सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर बाद में राजी हो गए पूर्व विधायक नंदलाल व्यास का भी इंतजार होता रहा मगर वे नहीं आए।

दबाव आया था, मैंने नहीं माना: विश्वजीत
बीकानेर पूर्व से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे विश्वजीत ने माना कि शनिवार सुबह कुछ लोग गोपीनाथ मुंडे के हवाले से मिलने आए थे और रिटायर होने के लिए कहा मगर मैंने स्वीकार नहीं किया।
कौन लोग आए थे? : नाम न बताने की मर्यादा जरूर रखूंगा।
बैठाने के लिए क्या तर्क दिए? : उनका कहना था, जीतेंगी तो सिद्धिकुमारी। बैठोगो तो कोई पद भी मिल सकता है।
कैसा पद? : राजनीतिक पद। मैंने कहा-जो लोग 40 साल में कॉपरेटिव का चेयरमैन तक नहीं जिता सके वे मुझे क्या पद देंगे।
आप माने क्यों नहीं? : सैकड़ों लोगों के सामने वचन दे चुका हूं। मैं उनमें से नहीं हूं, जो कार्यकर्ताओं से माफी मांगकर बैठ जाते हैं।
मुंडे से बात हुई? : फोन पर बात करनी चाही थी, मैंने नहीं की।





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