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जयपुर. चुनावी खर्च का ब्योरा हर तीसरे दिन नहीं देने पर जिला प्रशासन ने उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है और रिटर्निग अधिकारियों को आदर्श संहिता का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों के खर्च की सीमा 10 लाख रुपए निर्धारित है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्याशी को नामांकन दाखिल करने के बाद हर तीसरे दिन खर्च का ब्योरा देना आवश्यक है, जो चुनाव परिणाम घोषित होने तक जारी रहेगा। इसके बावजूद कई प्रत्याशियों ने अभी तक संबंधित रिटर्निग अधिकारियों को ब्योरा देना शुरू नहीं किया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) प्रवीण गुप्ता ने बताया कि जो प्रत्याशी निर्धारित समय में अपने खर्च का ब्योरा नहीं देंगे, उनके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अलग-अलग शाखाएं बनाईं
चुनाव खर्च का ब्योरा रखने व गणना के लिए हर विधानसभा क्षेत्र कार्यालय में अलग से शाखाएं बनाई गई हैं, जिसमें एक सहायक लेखाधिकारी व एक लेखाकार को नियुक्त किया गया है।
सभा के लिए अनुमति जरूरी
कलेक्ट्रेट में शनिवार को रिटर्निग अधिकारियों ने प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों की बैठक ली, जिसमें चुनाव सभाओं के लिए सक्षम अधिकारियों से अनुमति लेने को कहा है। साथ ही चुनाव प्रचार व रैलियों के लिए अधिकतम तीन वाहनों का ही उपयोग करने की हिदायत दी है।