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राज्य के विभिन्न अंचलों से . विधानसभा चुनाव में नाम वापस लेने की आखिरी तारीख निकलने के बाद भी नाम वापस नहीं लेने वालों पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में बिठाने के सभी प्रयास विफल होते जा रहे हैं। कई स्थानों पर बागी के रूप में मैदान में डटे प्रत्याशी नेताओं से मिलने को ही तैयार नहीं है, कुछ स्थानों पर इन बागियों ने नेताओं को चुनाव परिणाम के दिन 8 दिसम्बर को मिलने का टका सा जवाब दे दिया। नाम वापसी के बाद भाजपा के 56 और कांग्रेस के 54 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से कुछ ही लोग पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में रिटायर हुए हैं।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री गोपीनाथ मुंडे बीकानेर में बागियों को मनाने के लिए गए थे, लेकिन तीन में से एक भी बागी न तो उनसे आकर मिला और न ही रिटायर होने के लिए तैयार हुआ। जिले की बीकानेर पूर्व सीट से भाजपा के बागी और देवीसिंह भाटी के समर्थक विश्वजीतसिंह हरासर, खाजूवाला से संसदीय सचिव गोविंद मेघवाल और डूंगरपुर से भाजपा के किशनाराम नाई मैदान में डटे हैं। गंगानगगर में कांग्रेस के बागी श्रीकरणपुर से गुरमीतसिंह, सूरतगढ़ से राजेंद्र सिंह भादू और अनूपगढ़ से पत्तराम बावरी तथा भाजपा के बागी सादुलपुर से महेश बुढ़ानिया, करणपुर से अंग्रेजसिंह वाल्ला और श्रीगंगानगर से गजेंद्रसिंह भाटी, भादरा से जयदीप डूडी और संगरिया से कृष्ण जाखड़ तथा कांग्रेस के बागी के रूप में संगरिया से गुरदीपसिंह शाहपीनी खड़े हैं।
अलवर शहर क्षेत्र से भाजपा की बागी प्रत्याशी डॉ. पुष्पा गुप्ता, किशनगढ़ बास से ओम प्रकाश रोधा, कठूमर से सम्पत सिंह से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर, जिला और प्रदेश पदाधिकारियों ने सम्पर्क साधा, लेकिन बैठने से इनकार किया। धौलपुर जिले की बसेड़ी से भाजपा की ऊषा जाटव, राजाखेड़ा से अजयपाल सिंह, धौलपुर से बांके सिंह बागी के रूप में चुनाव मैदान में डटे हैं। कपासन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक अजरुनलाल जीनगर को जिला प्रमुख बनाने का प्रलोभन भी दिया गया। सांसद श्रीचंद कृपलानी और जिलाध्यक्ष अशोक चंडालिया ने सम्पर्क साधा तो उन्होंने कहा कि अब तो आठ को ही मिलेंगे।
अंता विधानसभा से भाजपा के बागी मोहनलाल मीणा ने यह कहते हुए मैदान से हटने से इनकार कर दिया कि वे कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निराश नहीं करेंगे। भरतपुर जिले की बयाना विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के अमरसिंह और वैर में भाजपा के रेवती कोली से पार्टियों के जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों सम्पर्क साधा। केशोरायपाटन विधानसभा सीट से कांग्रेस के बागी पूर्व जिलाध्यक्ष घासीलाल मेघवाल और भाजपा के बागी मांगीलाल मेघवाल चुनाव मैदान में डटे हैं। दोनों ही पूर्व विधायक है और हटने को राजी नहीं हैं। विराटनगर सीट से भाजपा के बागी बाबूलाल सैनी बोर्ड में पद देने का प्रलोभन देने के बाद भी रिटायर होने के लिए राजी नहीं हैं। चौमूं से कांग्रेस के बागी भगवान सहाय धांसिया और दूदू से लक्ष्मी नारायण बैरवा ने भी हटने से इनकार कर दिया।