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ऐश्वर्या की आजादी के मायने

ashwऐश्वर्या राय का कहना है कि उन्होंने बहुत पहले ही स्वयं को इंडस्ट्री की भेड़चाल के बंधन से मुक्त कर लिया था। इसी तरह वह सितारों की राजनीति और अफवाहों पर चलने वाली उठा-पटक से भी परे हैं।

ऐश्वर्या राय बच्चन का मानना है कि वह और पति अभिषेक बहुत पहले ही इंडस्ट्री की तथाकथित भेड़चाल से मुक्त हो गए हैं। यही वजह है कि दोनों अपने-अपने स्तर पर लीक से हटकर फिल्में करने का जोखिम लेने से नहीं हिचक रहे। ऐश्वर्या मानती हैं कि अन्य स्टार्स की तुलना में वे फामरूला फिल्मों के जाल में फंसने से बच गए और कुछ अलग तरह का काम करने की संतुष्टि हासिल करने में सफल रहे।

वह कहती भी हैं, ‘अगर मैंने ऐसे करने की हिम्मत दिखाई तो अभिषेक ऐसा पहले ही कर अपनी क्षमता साबित भी कर ले गए। इसे समझने के लिए ‘दोस्ताना’ फिल्म का उदाहरण ही जरूरी नहीं है। वह इसके पहले ‘गुरु’ और ‘युवा’ में बेहद अलग किरदार निभा चुके हैं। रामगोपाल वर्मा की फिल्म ‘सरकार राज’ में हम दोनों कपल की भूमिका में नहीं थे, बल्कि फिल्म में उनकी भूमिका पहले ही खत्म हो जाती है।’ तो यही वजह है कि वह भी प्रयोगधर्मी हो रही हैं, प्रश्न पर वह कहती हैं, ‘एक कलाकार के तौर पर मैंने बहुत पहले ही स्वयं को बंधनों से आजाद कर लिया था। अपने कॅरियर की शुरुआत से ही मैंने कभी योजना बना कर काम नहीं किया। हां, शुरुआती वर्षो में मैंने सांग एंड डांस फिल्में कीं, लेकिन उसके बाद मैं अर्थपूर्ण सिनेमा करने से स्वयं को रोक नहीं पाईं।’

तो क्या हॉलीवुड का रुख इसी की कड़ी है से जुड़े सवाल पर वह कहती हैं, ‘अच्छे रोल ऑफर हुए तो मैं क्यों न करती।’ हालांकि ‘पिंक पैंथर’ के प्रचार पोस्टरों में उनका चेहरा नजर नहीं आ रहा है। इस बाबत पूछे जाने पर वह कहती हैं, ‘मैं बेहद सिक्योर और फोकस कलाकार हूं। मैं हमेशा काम करने में यकीन करती हूं। ‘पिंक पैंथर’ भी मैंने इसीलिए की क्योंकि उसमें मेरे करने लायक कुछ था। मैंने फिल्म साईन करते वक्त अपनी भूमिका और कहानी में उसकी महता पर चर्चा की।

मैंने उस वक्त उनसे यह नहीं पूछा था कि प्रचार पोस्टरों में मेरा स्थान क्या होगा, क्योंकि मेरे लिए यह गैर जरूरी है।’ कैटरीना की बर्थडे पार्टी में सलमान और शाहरुख के बीच विवाद की जड़ में उनका नाम आने की चर्चाओं पर वह कहती हैं, ‘मेरे पास इस तरह की चर्चाओं पर कान देने का बिल्कुल समय नहीं है। मेरे लिए इनके बस इतने मायने ही हैं कि इन पर ध्यान न दिया जाए।’





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