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मुंबई. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने 2006 में शिवसेना छोड़ने के बाद रविवार को पहली बार अपने चाचा और शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से मुलाकात की। गौरतलब है कि राज द्वारा अपनी नई पार्टी बनाने और शिवसेना के ‘मराठी गौरव’ के एजेंडे को हथियाने की वजह से दोनों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई है।
एमएनएस सूत्रों ने बताया कि राज ने बांद्रा में स्थित बाल ठाकरे के निवास ‘मातोश्री’ पहुंचकर उनकी सेहत के बारे में पूछताछ की। इस दौरान शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष व बाल ठाकरे के बेटे उद्धव भी मौजूद थे। चाचा-भतीजे के बीच इससे पहले अंतिम मुलाकात 23 जनवरी 2006 को बाल ठाकरे के जन्मदिन के मौके पर हुई थी।
किताबें मंगाई थीं : राज ने मुलाकात के बारे में कहा, ‘मेरे पास उनकी कुछ पुरानी किताबें थीं। उन्होंने रविवार सुबह फोन करके पुरानी किताबें ‘मातोश्री’ भेजने के लिए कहा था। मैंने कहा कि मैं खुद किताबें लेकर आ जाता हूं। लंबे समय के बाद उनसे मिलकर मैं बेहद खुश हूं। हमने काटरून बनाने की पुरानी यादें ताजा कीं और राजनीति के अलावा अन्य विषयों पर चर्चा की।’
अटकलें : चाचा-भतीजे की मुलाकात से अटकलों ने भी जन्म ले लिया है। एमएनएस सूत्रों ने कहा कि इस मुलाकात से शिवसेना और एमएनएस के कार्यकर्ताओं को धक्का लगेगा।