Breaking News 
bhaskar Web English


HomeNewsChhattisgarhBilaspur Bilaspur

लाए जाएंगे 500 असिस्टेंट ड्राइवर

बिलासपुर. असिस्टेंट लोको पायलटों की कमी दूर करने के लिए दक्षिण रेलवे से 500 असिस्टेंट पायलट बुलाए जा रहे हैं।

जीएम पी सुधाकर राव के कार्यकाल में यहां 598 असिस्टेंट लोको पायलटों (सहायक ट्रेन इंजन चालक) की नियुक्ति हुई थी। इसमें से 100 लोगों को वेस्टर्न रेलवे में भेज दिया गया था। इसके बाद जब यहां फिर से स्टाफ की कमी पड़ी, तो 800 असिस्टेंट ड्राइवरों की नई भर्ती और नियुक्ति के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड भोपाल को कहा गया।

इसके लिए आरआरबी भोपाल के माध्यम से भर्ती की प्रक्रिया चल ही रही थी कि परचा लीक होने की खबर के बाद भर्ती रुक गई और यह मामला पेंडिंग हो गया। इसके बाद आरआरबी मुंबई के माध्यम से यहां के लिए नई भर्ती हो रही थी, लेकिन किसी कारणवश यह मामला भी अधर में लटक गया और भर्ती नहीं हो सकी। इस तरह 1340 लोगों की भर्ती का मामला अधर में है और एसईसीआर में असिस्टेंट ड्राइवरों की कमी काफी दिनों से बनी हुई है।

अब यह बताया जा रहा है कि इस कमी को दूर करने के लिए सदर्न रेलवे से 500 असिस्टेंट ड्राइवरों को यहां लाया जा रहा है। संभावना है कि अगले माह से इनके यहां आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इससे यहां असिस्टेंट ड्राइवरों की कमी दूर करने में तो मदद मिलेगी, लेकिन दूसरी तरफ इस बात की आशंका भी बनी हुई है कि जिन लोगों की भर्ती सदन रेलवे के लिए हुई है, वे आगे यहां से ट्रांसफर के लिए जोर लगा सकते हैं।

सिर मुड़ाएंगे देश भर के असिस्टेंट ट्रेन ड्राइवर

बिलासपुर. वेतन विसंगति के खिलाफ आंदोलन कर रहे सहायक लोको पायलटों ने अब पे-कमीशन का श्राद्ध मनाने और एक साथ सिर मुड़ाने का निर्णय लिया है। इस दिन देश भर के सहायक लोको पायलट एक साथ सिर मुंडाएंगे। पे-ग्रेड व एलाउंस बढ़ाने की मांग को लेकरअसिस्टेंट लोको पायलट (सहायक ट्रेन ड्राइवर) 15 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे हैं। इसके तहत 18 नवंबर को दिल्ली में असिस्टेंट लोको पायलटों की महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें वेतन विसंगति के विरोध स्वरूप देश भर में एक साथ एक ही दिन मुंडन कराने का निर्णय लिया गया है। 22 नवंबर को बिलासपुर में हुई बैठक में दिल्ली में हुए इस निर्णय की जानकारी देते हुए असिस्टेंट ड्राइवरों के प्रतिनिधिमंडल ने यहां इसकी रणनीति पर विचार विमर्श किया।

इसमें तय किया गया है कि सभी अपने-अपने जोन और मंडलों में एक ही दिन मुंडन कराएंगे। यह कार्यक्रम 15 दिन के भीतर होना है, जिसकी तिथि घोषित की जानी है। उल्लेखनीय है कि आंदोलन के तहत अस्टिेंट लोको पायलट काली पट्टी लगाकर नियमानुसार (वर्क टू रूल) काम कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने ओवरटाइम और एक्सट्रा डच्यूटी करने से इंकार कर दिया था। हालांकि रेल प्रशासन से हुई चर्चा और वेतन विसंगति का मामला विशेष कमेटी के समक्ष विचाराधीन होने की बात पर यह आंदोलन ढीला कर दिया गया है। लेकिन निजी मोबाइल पर डच्यूटी कॉल नहीं लेने का सिलसिला अभी जारी है। इस बीच असिस्टेंट लोको पायलटों के ट्रांसफर करने के साथ ही 135 लोगों को रेलवे ने चार्जशीट भी दिया था, जिसे लेकर आक्रोश बना हुआ है और आंदोलन जारी है।

नहीं बनी कमेटी, असंतोष
आंदोलन कर रहे असिस्टेंट लोको पायलटों के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली की मीटिंग से लौटने के बाद यहां शनिवार को हुई मीटिंग में अपने साथियों के सामने स्पष्ट किया, कि वेतन विसंगति को दूर करने व इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के लिए कमेटी बनाए जाने की बात केवल अफवाह है। जबकि दिल्ली में जानकारी लेने पर उन्हें पता चला है कि ऐसी कोई कमेटी नहीं बनाई गई है। इससे यहां असिस्टेंट ड्राइवरों में असंतोष और बढ़ गया है। इसके साथ ही उन्होंने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है।

एसमा भी आंदोलन में कूदा
असिस्टेंट लोको पायलटों के इस आंदोलन के बीच ही एसमा (ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन) ने भी आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। उल्लेखनीय है कि वेतन विसंगति, स्टाफ की कमी और रेस्ट न मिलने की बात पर विगत 1 नवंबर से स्टेशन मास्टर, सहायक स्टेशन मास्टर काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब उन्होंने भी अपना आंदोलन तेज करते हुए ‘वर्क टू रूल’ काम करने का निर्णय लिया है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: